US China Relations: यूएस के टैरिफ को लेकर एक बार फिर से भड़का ड्रैगन! अमेरिका को दे डाली सीधी चेतावनी

यूएस के टैरिफ को लेकर एक बार फिर से भड़का ड्रैगन! अमेरिका को दे डाली सीधी चेतावनी
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने निर्यात नियंत्रण को सख्त कर दिया गया है। साथ ही चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वो अगर टैरिफ कम नहीं करेगा तो कड़ा कदम उठाया जाएगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। बीजिंक की तरफ से स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका साल 2020 के 'फेज वन' ट्रेड समझौते की समीक्षा को आगे बढ़ाकर नए टैरिफ लगाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। तो वे अपने हितों की रक्षा के लिए सभी अहम उपाय कर सकता है। इससे पहले वाशिंगटन ने भी संकेत दिए थे कि वे एक समझौते के अनुपालन की जांच को आगे बढ़ाएगा।

चीन ने दी अमेरिका को वार्निंग

मंत्रालय की तरफ से आरोप लगाया गया है कि अमेरिका के निर्यात नियंत्रण को सख्त किया गया है। जिससे दोतरफा निवेश प्रभावित हुआ है। साथ ही सामान्य व्यापारिक गतिविधियों को नुकसान पहुंचा है। चीन ने ये भी कहा है कि अगर अमेरिका जांच के आधार पर नए टैरिफ लगाता है तो बीजिंग अपने वैधानिक अधिकारों और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने में बिल्कुल भी नहीं चूकेगा। चीन का बयान भी ये ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बीजिंग दौरा प्रस्तावित है। साल 2017 के बाद ये उनका पहला संभावित चीन दौरा भी माना जा रहा है।

क्यों बढ़ रहा है दोनों देशों में तनाव?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद फिर बढ़ता है तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं, मोडिटी बाजार और इक्विटी मार्केट में व्यापर तौर पर अस्थिरता देखी जा सकती है। साथ ही इस साल की शुरुआत में अमेरिका और चीन के बीच उस समय भी तनाव बढ़ा हुआ था जब अमेरिका ने कई देशों पर व्यापक टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इन टैरिफ का असर वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और शेयर बाजारों पर भी पड़ता हुआ दिखा है। तो अभी ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर टैरिफ युद्ध दोबारा से बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि चीन की वैश्विक अर्थव्यवस्था पर हो सकता है।

Created On :   26 Feb 2026 4:13 PM IST

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