पश्चिम एशिया संघर्ष: अमेरिका ईरान के बीच समझौते के लिए कतर ने बनाई योजना, तेहरान पहुंचा डेलिगेशन

डिजिटल डेस्क, तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव जारी है। इसका असर दुनिया के लिए सबसे अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ा है। इसको सुचारू रूप से खुलवाने के लिए पाकिस्तान के बाद अब कतर ने मध्यस्था का दावा किया है। बताया जा रहा है कि कतर की एक टीम ईरानी की राजधानी तेहरान पहुंच गई है, ताकि अमेरिका और ईरान के बीच डील का कोई रास्ता निकल सके। होर्मुज के बंद हो जाने से खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था और ग्लोबल तेल बाजार पर इसका खास प्रभाव देखने को मिला है।
अमेरिकी प्रतिबंधों पर राहत
रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि कतर एक ऐसी डील पर कार्य कर रहा है, जिसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट को खोला जा सकता है और बदले में अमेरिका कुछ प्रतिबंधों में ईरान को राहत दे सकता है। यानी तेहरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को रिलीज किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक, इस प्रस्तावित समझौते में 30 दिनों की वार्ता का ढांचा शामिल किया है, इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बाद में बातचीत की बात बताई गई हैं।
अबतक अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान और और ओमान मध्यस्था की भूमिका निभा रहे थे, लेकिन अब तीसरे देश कतर की एंट्री हो गई है, जिसे एक बड़ा कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है।
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संभावित डील में चीन को गारंटर
पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी तेहरान में मौजूद है। जानकारी मिली है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शनिवार को चीन की यात्रा कर सकते हैं। इस यात्रा को लेकर माना जा रहा है कि पाकिस्तान इस संभावित डील में चीन को गारंटर बनाने का प्रयास कर रहा है।
ईरान का टोल वसुली का सिस्टम
द गार्डियन की रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट कह दिया है कि उनका देश किसी भी हालत में ईरान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसुली नहीं करने देगा। वहीं, ईरान ने होर्मुज में टोल टैक्स लेने के लिए पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) के नाम से ढांचा तैयार किया है।
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