Russia on Greenland: क्या ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और रूस के बीच हो गई डील? ट्रंप की कब्जा करने की जिद के बीच लावरोव का आया बड़ा बयान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने मंगलवार को ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ग्रीनलैंड का 'प्राकृतिक हिस्सा' नहीं है। इतना ही नहीं, बल्कि उन्होंने यह भी कहा है कि पूर्व उपनिवेशों (कोलोनियल टेरिटरीज) की समस्या अब ज्यादा गंभीर हो रही है।
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रूसी विदेश मंत्री ने ग्रीनलैंड को लेकर किया बड़ा दावा
न्यूज एजेंसी आईएएसएस के अनुसार, रूसी विदेश मंत्री ने 20 जनवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि रूस का ग्रीनलैंड के मामलों में दखल देने का कोई इरादा नहीं है। साथ ही, उन्होंने कहा कि अमेरिका को पता है कि मॉस्को का खुद ग्रीनलैंड पर कब्जा करने का कोई प्लान नहीं है। रूस किसी के अधिकार को चुनौती नहीं देता लेकिन खुद को भी नजरअंदाज करने की अनुमति नहीं दे सकता।
वहीं, रूस के डिप्लोमेसी के 2025 के नतीजों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने पश्चिम के अंदर संकट की प्रवृत्तियों के बारे में चर्चा की। इसमें ग्रीनलैंड इसका नया उदाहरण है, क्योंकि यह NATO देशों में बहुत ज्यादा तनाव पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा, 'पिछले एक दशक से पश्चिमी देश अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल स्वरूप का सक्रिय रूप से विरोध कर रहे हैं। रूस ग्रीनलैंड के आसपास की गंभीर भू-राजनीतिक स्थिति पर नजर रख रहा है।'
लावरोव के अनुसार, ग्रीनलैंड न तो नॉर्वे का प्राकृतिक हिस्सा और न ही डेनमार्क का है। यह एक औपनिवेशिक जीत का हिस्सा है। हालांकि, अब वहां के लोग इसके आदि हो चुके हैं और सहज महसूस करते हैं। इसके अलावा उन्होंने रूस की ताकत पर बात की और चुनौती भरे अंदाज में कहा कि रूस किसी को भी अपने कानूनी अधिकारों की अनदेखी नहीं करने देगा।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कही ये बात
रूसी विदेश मंत्री ने आगे कहा, 'रूस हमेशा अपने हितों की रक्षा करेगा। किसी के भी कानूनी अधिकारों को चुनौती नहीं देगा, लेकिन वह अपने कानूनी अधिकारों को भी हल्के में नहीं लेने देगा। यूरोपीय देशों ने कहा है कि ट्रंप की ग्रीनलैंड टैरिफ घोषणा पिछले साल उनके प्रशासन के साथ हुए ट्रेड डील का उल्लंघन होगी। EU नेता गुरुवार को ब्रसेल्स में एक आपातकालीन सम्मेलन में संभावित जवाबी कार्रवाई पर चर्चा करेंगे।'
बता दें, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर अमेरिका के दावे के बीच रूसी विदेश मंत्री का यह बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण ग्रीनलैंड पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल चाहते हैं। शनिवार को ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की, जो अमेरिकी कब्जे का विरोध कर रहे हैं।
वहीं, दिमित्री एंटोनोव और व्लादिमीर सोल्डाटिकन की रिपोर्ट में एक फोटो की चर्चा की। इसमें 17 जनवरी को ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में लोग ग्रीनलैंड के झंडे लहराते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे ट्रंप की मांग के खिलाफ हैं कि ग्रीनलैंड को अमेरिका को सौंप दिया जाए। प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि ग्रीनलैंड अपना भविष्य खुद तय करे। इस रिपोर्ट को ग्लेब स्टोलयारोव ने लिखा है और संपादन एंड्रयू ओसबोर्न ने किया है।
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