Employee Protests In France: फ्रांस में वेतन बढ़ाने की मांग पर सड़कों पर उतरे कर्मचारी, छात्रों का भी मिला साथ; 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात

फ्रांस में वेतन बढ़ाने की मांग पर सड़कों पर उतरे कर्मचारी, छात्रों का भी मिला साथ; 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
फ्रांस में वेतन बढ़ाने और महंगाई से राहत देने की मांग को लेकर गुरुवार को सैकड़ों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कर्मचारियों के साथ छात्र और ट्रेड यूनियन भी प्रदर्शन कर रहे हैं। येलो वेस्ट आंदोलन और अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। फ्रांस में वेतन बढ़ाने और महंगाई से राहत देने की मांग को लेकर गुरुवार को सैकड़ों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कर्मचारियों के साथ छात्र और ट्रेड यूनियन भी प्रदर्शन कर रहे हैं। येलो वेस्ट आंदोलन और अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

फ्रांस 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेड यूनियनों ने ज्यादा वेतन देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन कर रहे हाई स्कूल के छात्रों को भी समर्थन दिया। ये प्रदर्शन ऐसे समय हो रहे हैं, जब फ्रांस की संसद में वर्ष 2027 के बजट प्रस्ताव के पहले हिस्से को मंजूरी नहीं मिल पाई है।

यूरो न्यूज के अनुसार, सरकार का बजट प्रस्ताव अब सीनेट में पेश किया जाएगा। इस पर 9 दिसंबर को मतदान होना है। इसके बाद एक संसदीय समिति बजट को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश करेगी। समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधेयक को फिर से नेशनल असेंबली में पेश किया जाएगा।

सितंबर में छात्रों ने शुरू किया था आंदोलन

फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला पिछले कई हफ्तों से चल रहा है। इसकी शुरुआत सितंबर में छात्रों ने की थी। छात्र स्कूलों और कॉलेजों में ज्यादा भीड़, शिक्षकों की कमी और विश्वविद्यालयों में दाखिले से जुड़ी परेशानियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

बाद में ट्रेड यूनियन भी इस आंदोलन में शामिल हो गईं। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करने के साथ महंगाई, रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों और महंगे होते ईंधन के खिलाफ आवाज उठाई। कर्मचारियों की मांग है कि बढ़ती महंगाई के हिसाब से उनका वेतन बढ़ाया जाए, ताकि वे अपना खर्च आसानी से चला सकें।

सुरक्षा के लिए 70 हजार से ज्यादा जवान तैनात

प्रदर्शनों को देखते हुए फ्रांस सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि गुरुवार को देशभर में 70 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों का मुख्य काम प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखना और हिंसा की घटनाओं को रोकना है।

गृह मंत्री के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि कुछ कट्टर वामपंथी और हिंसक संगठन इन प्रदर्शनों में शामिल हो सकते हैं। आशंका है कि ये समूह माहौल बिगाड़ने, बिना अनुमति मार्च निकालने और दुकानों या सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ व लूटपाट जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।

पेरिस में मार्च के रास्ते पर लगाई गई पाबंदी

फ्रांस के अधिकारियों ने राजधानी पेरिस में ट्रेड यूनियनों के प्रस्तावित मार्च के रास्ते पर कुछ पाबंदियां लगाई हैं। प्रशासन ने प्रदर्शन के लिए एक वैकल्पिक रास्ता तय करने की अनुमति दी है।

सरकार ने यह फैसला 17 और 18 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और लूटपाट की घटनाओं को देखते हुए लिया है। उस दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कुछ जगहों पर हिंसा हुई थी।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

दूसरी ओर, ट्रेड यूनियनों और मानवाधिकार संगठनों ने सरकार के कदमों की आलोचना की है। उनका कहना है कि सरकार विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगाने और प्रदर्शनकारियों पर सख्ती करने की कोशिश कर रही है।

फ्रांस की पुलिस पर भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। ऐसे में वेतन बढ़ाने और महंगाई से राहत की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव का मुद्दा बनता जा रहा है।

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