Middle East Tension: ईरान-अमेरिका तनाव में नया मोड़, ट्रंप ने कहा - तेहरान नहीं सुधरा तो विकल्प खुले हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब इस मामले में एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। अगर ईरान ने अपना रुख नहीं बदला तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके सामने सैन्य कार्रवाई से लेकर आर्थिक दबाव और कूटनीतिक समाधान तक कई विकल्प मौजूद हैं।
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका चाहे तो ईरान को भारी नुकसान पहुंचा सकता है और उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर कर सकता है। हालांकि, उन्होंने बातचीत के जरिए समाधान की संभावना भी खुली रखी। ट्रंप ने संकेत दिया कि वह ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से बातचीत के लिए तैयार हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।
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हूतियों के हमले से बढ़ा तनाव
ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच यमन के हूती संगठन की गतिविधियों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। हाल के दिनों में हूतियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों के बाद अमेरिका के सामने यमन को लेकर भी सैन्य विकल्पों पर विचार करने की स्थिति बन गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन यमन में हूतियों के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्पों की समीक्षा कर रहा है। इसी बीच ट्रंप ने कैंप डेविड का अपना दौरा तय समय से पहले खत्म कर वॉशिंगटन वापसी की। अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने भी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी चेतावनी जारी की है।
ईरान ने बताई युद्ध खत्म करने की शर्तें
दूसरी ओर, ईरान की तरफ से भी बातचीत के संकेत मिले हैं। ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई के अनुसार, तेहरान ने कतर की मध्यस्थता के जरिए संघर्ष खत्म करने की अपनी शर्तें सामने रखी हैं। इनमें सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, ईरान के फंड को अनफ्रीज करना और नौसैनिक नाकेबंदी हटाना शामिल है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के साथ ही यमन में संघर्ष भी गंभीर होता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के अनुसार, हालिया हिंसा के कारण यमन में बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं।
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यूएन महासभा में उठ सकता है पश्चिम एशिया संकट
इसी बीच दुनिया के कई देशों के नेता संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं। इस दौरान पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में शामिल रहने की उम्मीद है। ट्रंप और खाड़ी देशों के नेताओं के बीच भी बातचीत प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले दिनों में सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीतिक प्रयासों पर भी दुनिया की नजर रहेगी।
Created On :   21 Sept 2026 1:46 AM IST











