US-Iran War: यूरेनियम मामले में अमेरिका के सामने घुटने टेकने पर मजबूर हुआ ईरान? ट्रंप के दावे पर क्या बोला ईरानी मीडिया

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम होने के बावजूद भी तनाव जारी है। होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नेवी की नाकाबंदी को लेकर एक बार फिर दोनों देशों के बीच तकरार बढ़ गई है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि ईरान अपने संवर्धित यानि एनरिज्ड यूरेनियम के भंडार हमें सौंपने के लिए राजी हो गया है।
उन्होंने मीडिया से कहा कि दोनों देशों में जल्द ही शांति समझौता हो सकता है, जिसके बाद क्रूड ऑयल की सप्लाई आसानी से शुरू हो जाएगी और हालात पहले की तरह सामान्य हो जाएंगे। हालांकि, ट्रंप के यूरेनियम को लेकर किए दावे को ईरान की मीडिया ने झूठा बताया है। साथ ही कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति हवाई किले बना रहे हैं।
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पाकिस्तान जा सकते हैं ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान के साथ समझौता होता है तो वे पाकिस्तान के दौरे पर भी जा सकते हैं। उन्होंने शांति समझौते के प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान के पीएम और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तारीफ की।
अमेरिका और इजरायल आखिर क्यों ईरान पर एनरिज्ड यूरेनियम सौंपने का दबाव बना रहे हैं? आइए जानते हैं...
यूरेनियम एक ऐसा पदार्थ है, जिसके उपयोग से परमाणु बम भी बनाया जा सकता है। बस महत्वपूर्ण यह होता है कि उसे कितना संवर्धित (एनरिज) यानी शुद्ध किया गया है। प्राकृतिक यूरेनियम को उपयोगी बनाने के लिए उसे मशीनों की सहायता से शुद्ध किया जाता है, जिसे यूरेनियम एनरिचमेंट कहा जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक रिपोर्ट दी थी। जिसके मुताबिक ईरान ने अपने यूरेनियम भंडार को 60 फीसद तक एनरिज्ड कर लिया है। परमाणु हथियारों के निर्माण के लिए इसे 90% एनरिजमेंट की जरूरत होती है।
Created On :   17 April 2026 6:17 PM IST










