गुड फ्राइडे: गुड फ्राइडे के दिन जीसस को क्यों चढ़ाया गया सूली पर? जानें क्यों कहते हैं इसको 'गुड'?

गुड फ्राइडे के दिन जीसस को क्यों चढ़ाया गया सूली पर? जानें क्यों कहते हैं इसको गुड?
3 अप्रैल को गुड फ्राइडे है। ईसाई समुदाय के लोगों में इसको एक पवित्र दिन माना जाता है। ऐसे में चलिए गुड फ्राइडे से जुड़ी सभी बातों के बारे में जानते हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के लोगों के लिए बहुत ही खास और भावुक दिन होता है। इस दिन को शोक के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि इसी दिन प्रभु ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। लोग इस दिन चर्च में जाकर प्रार्थना करते हैं, कुछ लोग व्रत रखते हैं तो कुछ मौन रहकर श्रद्धा प्रकट करते हैं। हर कोई अपने-अपने तरीके से इस दिन को याद करता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि इतना दुखद दिन होने के बाद भी इसे 'गुड' यानी अच्छा क्यों कहा जाता है।

नाम के पीछे छुपे अलग-अलग कारण

इस नाम को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं। धार्मिक ग्रंथ में कहा गया है कि इंसान का मृत्यु का दिन जन्म के दिन से ज्यादा पवित्र होता है। इसी सोच के आधार पर ईसा मसीह के बलिदान वाले दिन को अच्छा या पवित्र माना गया। कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि 'गुड' शब्द का मतलब यहां अच्छा नहीं, बल्कि पवित्र माना जाता है। अलग-अलग भाषाओं में भी इस दिन को पवित्र शुक्रवार के रूप में ही जाना जाता है। यही वजह है कि इसे कई जगहों पर पवित्र दिन, काला शुक्रवार या महान शुक्रवार भी कहा जाता है।

ईसा मसीह को सूली पर क्यों चढ़ाया गया?

मान्यता के मुताबिक, करीब दो हजार साल पहले ईसा मसीह लोगों को प्रेम, दया और मानवता का संदेश देते थे। उनके विचारों से लोग बहुत प्रभावित हो गए थे और उन्हें ईश्वर का पुत्र मानने लगे थे। इससे उस समय के कुछ धर्मगुरु उनसे नाराज हो गए। उन्होंने ईसा मसीह के खिलाफ साजिश रची और उस समय के शासक के सामने उनके खिलाफ शिकायत की। उन पर गलत आरोप लगाए गए और अंत में उन्हें सजा के रूप में सूली पर चढ़ा दिया गया। ईसा मसीह के इस बलिदान को याद करते हुए लोग आज भी इस दिन को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाते हैं।

Created On :   2 April 2026 8:09 PM IST

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