दैनिक भास्कर हिंदी: यात्रा में मरे मजदूरों के परिजनों को मुआवजा दिलाने को पटना में कांग्रेस का धरना

May 28th, 2020

हाईलाइट

  • यात्रा में मरे मजदूरों के परिजनों को मुआवजा दिलाने को पटना में कांग्रेस का धरना

पटना, 28 मई (आईएएनएस)। कोरोना संक्रमण काल में यात्रा के दौरान मरने वाले प्रवासी मजदूरों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर गुरुवार को बिहार कांग्रेस के कार्यकर्ता पटना स्थित प्रदेश कार्यालय के द्वार पर धरने पर बैठे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से यात्रा के दौरान दुर्घटना के शिकार हुए मजदूरों की सूची जारी करने की मांग भी की।

प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम के मुख्यद्वार पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ़ मदन मोहन झा के नेतृत्व में धरना पर बैठे एवं प्रदर्शन किया। धरना एवं प्रदर्शन में सोशल डिस्टेसिंग का पूरा पालन किया गया।

डॉ़ झा ने कहा कि इस कोरोना संक्रमण काल में लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर बिहार वापस आ रहे हैं। बहुत दिनों से हताश श्रमिक साधन के अभाव में लाखों की संख्या में अपने घर की ओर पैदल एवं बसों, ट्रकों, टेम्पो, रिक्शा, साइकिल, जुगाड़गाड़ी के माध्यम से अपने घर की ओर चल दिए। उनके साथ बच्चे महिलाएं गर्भवती महिलाएं, बुर्जुग और दिव्यांग भी हैं।

उन्होंने कहा, इनमें से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों की दुर्घटना या भूख से मौत हो गई। कांग्रेस पार्टी इस स्थिति में मृतक के परिजनों की सहायता करना चाहती है। साथ ही सरकार से मांग करती है कि इन प्रवासी मजदूरों की मौत की जिम्मेवारी तय की जाए। साथ ही इस दुर्घटना में मृत व्यक्तियों की सूची प्रदेश कांग्रेस को सौंपी जाए।

इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव को एक मांगपत्र भी सौंपा गया। इस मांगपत्र में यात्र के दौरान मरने वालों की सूची जारी करने तथा मरने वालों के परिजनों को मुआवजा तथा नौकरी देने की प्रमुख मांग शामिल है।

धरना-प्रदर्शन में विधायक पूनम पासवान, प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष एच.के. वर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ब्रजेश पांडेय, सुबोध कुमार, पूर्व विधायक प्रमोद सिंह, लाल बाबू लाल, प्रवक्ता राजेश राठौड़, आनंद माधव, अनिता यादव सहित कई लोग उपस्थित थे।

इधर, युवक कांग्रेस ने भी मृतक मजदूरों के परिजनों के मुआवजे की मांग की है। प्रदेश युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने एक बयान जारी कहा कि स्पेशल ट्रेनें अपने गंतव्य स्थानों पर दो दिन की जगह नौ दिनों में पहुंच रही है। मजदूरों को न खाना मिल रहा है और न पानी। रेल डब्बे में लोगों की मौत हो जा रही है। उन्होंने सरकार से मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।