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आखिर गालियां औरतों को लेकर ही क्यों बनी है? जानें इस सवाल का जवाब

September 06th, 2018 08:42 IST
आखिर गालियां औरतों को लेकर ही क्यों बनी है? जानें इस सवाल का जवाब

डिजिटल डेस्क । इस दुनिया में कोई भी चीज बिना कारण के नहीं होती, हर चीज के होने के पीछे कोई न कोई कारण जरूर होता है। ऐसे ही कई बार कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिनसे हमारा सामना रोज होता है लेकिन हमको उसके पीछे का कारण पता नहीं होता या फिर हम जानने की कोशिश नहीं करते। आमतौर पर हम सब अपने दोस्तों के बीच में गाली का यूज करते हैं और ज्यादातर गालियां औरतों को लेकर ही होती हैं। लोग किसी आदमी को गाली देते हैं, तो उसमें भी औरतें आ जाती है और किसी जानवर को गाली देते हैं, तो उसमें भी औरतें आ जाती हैं। लोग हमेशा गालियों में मां और बहन जैसे शब्दों को ले आते हैं, लेकिन कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? कभी 'तेरे बाप की' या  'तेरे भाई की' ऐसे गाली क्यों नहीं देते हम? आपने नहीं सोचा होगा और आपने तो क्या किसी ने भी इस बारे में नहीं सोचा होगा, लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं इसके पीछे का कारण। 

क्या है गाली का कच्चा चिठ्ठा? 

इतिहासकार सुसन ब्राउनमिलर ने एक किताब लिखी थी "Against our will: men, women and rape"। इस किताब में उन्होंने बलात्कार के इतिहास के बारे में बताया था। उनका कहना है कि जब धीरे-धीरे मनुष्य ने विकास करना शुरू किया तो उसे पता चला कि उसके अंग डर पैदा करने के लिए हथियार के रुप में इस्तेमाल किए जा सकते हैं, ये उसकी सबसे बड़ी खोज थी। धीरे-धीरे फिर मर्दों को पता चला कि वो बलात्कार कर सकते हैं, तो उन्होंने बलात्कार करना शुरु कर दिया। उनका मानना है कि शायद इसी के बाद से गाली की शुरुआत हुई और फिर लोगों ने गाली देना शुरु कर दिया। इसके लिए वो मनुष्य की शारीरिक बनावट को दोषी मानती हैं, उनका कहना है कि पुरुष और महिला की लैंगिक बनावट में काफी अंतर है और पुरुष के मुकाबले महिलाओं की बनावट काफी कमजोर है। इसके पीछे आदमियों का ताकतवर होना और औरतों का कमजोर होना भी कारण माना जा सकता है। 

क्यों देते हैं हम गाली? 

इसके पीछे हमारा मूड हो सकता है। दरअसल, जब हम किसी के काम से खुश होते हैं, या फिर खुश रहते हैं, तो हम उसे गाली की बजाय उसकी तारीफ करते हैं। लेकिन जब हमारा दिमाग खराब रहता है या फिर हमें किसी की बेज्जती करनी होती है, तो फिर हम उसके लिए गाली का उपयोग करते हैं। आजकल दोस्तों के बीत में लड़कों का गाली देना आम सा हो गया है, ऐसा इसलिए क्योंकि धीरे-धीरे गाली हमारी लैंग्वेज में शामिल हो जाती है और फिर हम न चाहते हुए भी गाली का इस्तेमाल करने लगते हैं। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।