दैनिक भास्कर हिंदी: विटामिन बी12 की कमी से हो सकती हैं ये शारीरिक समस्याएं, जानिए कैसे करें दूर

August 31st, 2018

डिजिटल डेस्क। एक स्वस्थ्य शरीर के लिए अच्छा आहार और आहार में विटामिन वाली चीजें खाना बहुत आवश्यक है। शरीर में किसी प्रकार की कमजोरी न आने पाए इसके लिए विभिन्न विटामिनों की जरूरत होती है। विटामिन हमारे आहार के महत्वपूर्ण घटक हैं। इनमें विटामिन बी12 का महत्वपूर्ण स्थान है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अनुसार, भारतीय जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा विटामिन बी 12 की कमी से ग्रस्त है। शरीर में विटामिन बी 12 की कमी से एनीमिया, थकान, स्मृति ह्रास, मिजाज बिगड़ना, चिड़चिड़ापन, झुनझुनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 

जानकारी के अनुसार, इस विटामिन की कमी से महिलाओं को बांझपन जैसी समस्या भी हो सकती है। हालांकि, बी12 की कमी की भरपाई की जा सकती है। विटामिन बी12 डीएनए, आरएनए और न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन में भी मदद करता है। विटामिन बी12 या कोबालामिन, मस्तिष्क की प्रक्रियाओं और लाल रक्त कोशिकाओं के लिए आवश्यक आठ विटामिन बी में से एक है।

चिकित्सकों के अनुसार, हर मिनट हमारा शरीर लाखों लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। ये कोशिकाएं विटामिन बी12 के बिना विकसित नहीं हो पातीं, जिससे एनीमिया होने का खतरा बना रहता है। शिशुओं में विटामिन बी12 की कमी होने पर बच्चे को मां का दूध ही पिलानी की सलाह डॉक्टर देते हैं। 


विटामिन बी12 की कमी से बचने के लिए रखें इन बातों का ख्याल

शराब के अधिक मात्रा में सेवन से जठरांत्र हो जाता है और आंतों के अस्तर को नुकसान पहुंचता है। इससे विटामिन बी12 के बनने में बाधा आती है।  

सिगरेट, बीड़ी पीने से भी विटामिन बी12 का स्तर कम होता है।  

 

सोया युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें इसमें विटामिन बी12 की अधिकता होती है। आम तौर पर शाकाहारी भोजन में विटामिन बी12 की कमी रहती है।

भोजन में विटामिन बी6 वाली चीजों को शामिल करें, यह विटामिन बी12 के अवशोषण और भंडारण में मदद करेगा। अंडे,पालक, अखरोट और केला आदि बी6 के अच्छे स्रोत हैं।

विटामिन बी12 की कमी का पता रक्त के परीक्षण से चल जाता है। फोलेट के स्तर को आमतौर पर संबंधित स्थिति के लिए जांचा जाता है, जिसे फोलेट की कमी वाला एनीमिया कहा जाता है।