Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चोरी मामले में बीजेपी का अखिलेश यादव पर बड़ा आरोप, बताया अखिलेश और टिन्नू की होती है फोन पर बात

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी मामले को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी का सिलसिला तेज हो गया है। इस मुद्दे को लकर सत्तापक्ष और विपक्ष लगातार एक दूसरे पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक तरफ बीजेपी समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर सवाल खड़े कर रही है, तो दूसरी ओर विश्व हिंदू परिषद ने कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच कराने की मांग की है।
भाजपा ने अखिलेश यादव पर लगाए आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने दावा किया कि इस मामले के आरोपी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। उनका कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इस पूरे मामले से जुड़े और भी कई तथ्य सामने आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी पहले भी संत समाज के विरोध का सामना कर चुकी है और आगे भी उसे जवाब देना पड़ेगा।
यह भी पढ़े -एआई गवर्नेंस पर यूएन ग्लोबल डायलॉग में शामिल होंगे केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, भारत का करेंगे प्रतिनिधित्व
दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार
अजय आलोक ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए दिए गए दान की राशि वापस लेने की बात कही थी। भाजपा नेता ने कहा कि अगर दिग्विजय सिंह यह साबित कर दें कि उन्होंने दान दिया था और उसकी रसीद दिखा दें, तो उन्हें ब्याज सहित पूरी रकम लौटाई जा सकती है। उनका कहना था कि भगवान के मंदिर के लिए दिए गए दान पर इस तरह की राजनीति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। वहीं दिग्विजय सिंह ने अपने ऊपर लगाए जा रहे धर्म विरोधी होने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह सनातन परंपरा का पालन करते हैं, नियमित धार्मिक अनुष्ठान करते हैं और नर्मदा परिक्रमा भी कर चुके हैं।
यह भी पढ़े -ई20 प्रोग्राम पूरी तरह से नियोजित, पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण कई वर्षों तक सभी पक्षकारों से चर्चा के बाद हुआ लागू पूर्व बीपीसीएल अधिकारी
कई नेताओं से पूछताछ की मांग
इधर, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने जांच अधिकारी को पत्र लिखकर प्रियंका गांधी वाड्रा, रामगोपाल यादव, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह समेत कई नेताओं के बयानों की जांच कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि इन नेताओं ने मंदिर के चंदे में 20,000 करोड़ रुपये तक की कथित वित्तीय गड़बड़ी और जमीन खरीद में अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। परिषद ने मांग की है कि जांच एजेंसी इन नेताओं से पूछताछ करे और यह पता लगाए कि उन्होंने ये आरोप किस आधार पर लगाए तथा उनके पास इन दावों के समर्थन में कोई सबूत या दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।
Created On :   5 July 2026 3:06 PM IST








