बस्तर के जंगलों में PM मोदी की दिवाली: IED धमाकों से लेकर 1 हजार जवानों की शहादत तक, प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष को किया याद

डिजिटल डेस्क, रायपुर। दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचे। यहां उन्होंने सुरक्षाबलों के साथ दीपावली का पर्व मनाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद का आतंक पूरी तरह खत्म हो गया है और अब विकास की बहार शुरू हो गई है। उन्होंने जवानों से कहा कि वह दीपावली मनाने के लिए उनके बीच बस्तर के जंगलों में पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि पहले की सरकारों को सुरक्षाबलों की फिक्र नहीं थी।
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भारतीयों को लेकर क्या बोले?
पीएम मोदी ने भारतवासियों से कहा, "आज पूरा देश और दुनिया के कोने-कोने में करोड़ों भारतीय प्रकाश का पावन पर्व मना रहे हैं। दूर-दूर से लोग अपने घर पहुंच रहे हैं। परिवार और परिजनों के साथ मिलने-जुलने का यह एक बड़ा महोत्सव होता है और मैं भी दिवाली मनाने आपके बीच पहुंच गया हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "सीमा पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करने वाले, राष्ट्र के प्रहरी, मां भारती के वीर, आप सब बेटे-बेटियां मेरे परिजन हैं। आप सब मेरे परिवार का हिस्सा हैं। हिमालय की गोद में कारगिल से लेकर लेपचा तक, समंदर किनारे सर क्रीक से लेकर समंदर की गोद में INS विक्रांत तक, वीर जवानों के साथ हर दिवाली मेरे लिए यादगार रही है।"
'सुरक्षाकर्मियों को बहुत बड़ा श्रेय'
प्रधानमंत्री ने कहा, "यह एक असाधारण उपलब्धि है। इसका बहुत बड़ा श्रेय आपका है, आप जैसे लाखों वीरों, जवानों और सुरक्षाकर्मियों का है। इसलिए आज मैं आपके साथ दिवाली मनाने आया हूं और 140 करोड़ देशवासियों की ओर से आपके त्याग, समर्पण और सेवाभाव के प्रति आभार भी व्यक्त करने आया हूं।"
उन्होंने नक्सलवाद पर कहा, "साल 2026 की यह दिवाली वाकई विशेष है! यह पहली दिवाली है, जब देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है। यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। यह पहली दिवाली है, जब करोड़ों देशवासी नक्सलवाद के भय को परास्त कर चुके हैं।"
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'नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं'
पीएम नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद पर आगे कहा, "माओवादी आतंक और नक्सलवाद के खिलाफ यह लड़ाई आसान नहीं थी। एक समय था, जब देश के करीब 20 राज्यों में 230 से ज्यादा जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। शाम होने के बाद वहां जीवन ठहर जाता था। लोगों से उनका वोट डालने का अधिकार भी इन नक्सलियों ने छीन लिया था।"
उन्होंने आगे बताया, "बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा वामपंथी उग्रवाद की चपेट में था। हजारों गांव, करोड़ों की आबादी और एक साल में 2-2 हजार तक नक्सली हमले होते थे। 2010 में यहीं पास ही दंतेवाड़ा में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हमारे 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। 2010 में ही दंतेवाड़ा में एक और घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की हत्या हुई थी।"
IED विस्फोटों पर दी प्रतिक्रिया
पीएम मोदी ने कहा, "यह धरती हमारे वीरों के रक्त से अभिशप्त हो गई थी, लेकिन महलों में रहने वाले किसी भी नामदार की सिसकी नहीं सुनाई दी। किसी भी नामदार की आंखों से एक भी आंसू नहीं निकला। दशकों तक यह सिलसिला चलता रहा। इस दौरान छत्तीसगढ़ में ही 1 हजार से ज्यादा जवानों का बलिदान हुआ। IED के विस्फोटों में कितने ही जवानों को अपने हाथ-पैर गंवाने पड़े।"
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