पत्रकार हत्या मामला: हाईकोर्ट से गुरमीत राम रहीम को बड़ी राहत, 23 साल पुराने केस में किया बरी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने शनिवार को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम गुरमीत राम रहीम को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने मामले में घिरे राम रहीम को आरोपों से बरी कर दिया है। वहीं, अन्य 3 दोषियों की सजा को बरकरार रखा है।
हाई कोर्ट ने 23 साल पुराने मामले में राम रहीम को किया बरी
बता दें, यह फैसला पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की बेंच ने सुनाया है। इस मामले में गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
मालूम हो कि, रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में 11 जनवरी 2019 को स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया था। इसके बाद 17 जनवरी 2019 को कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
डेरा प्रमुख और अन्य सह-आरोपियों ने कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। इसके बाद कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रखा लिया था। इसके बाद कोर्ट ने अब इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया है।
2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हुई थी हत्या
बता दें, साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या हुई थी। वह "पूरा सच" नाम के अखबार के संपादक थे। यह मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा था। कोर्ट में कई सालों से मामले की सुनवाई चल रही थी। इसके बाद साल 2019 में सीबीआई कोर्ट ने मामले में कड़ा फैसला सुनाया था। हालांकि, अब कोर्ट ने राम रहीम सिंह को राहत दे दी है।
हाईकोर्ट का फैसला सामने आने के बाद रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, "हाई कोर्ट का फैसला निराशाजनक। सिर्फ डेरा प्रमुख को बरी किया व बाकी लोगों पर सजा बरकार रखी गई है, यह हमारी अदालती लड़ाई 2002 में शुरू हुई थी, आज वही वापिस आ गई है। CBI कोर्ट ने दूध का दूध और पानी किया था।"
उन्होंने आगे कहा, "हम इस फैसले को माननीय सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करेंगे। उमीद करते है कि सीबीआई कोर्ट को भी इस फैसले को चैलेंज करना चाहिए। ऐसे सेटबैक पहले भी लगते आये है लेकिन हम जिस हिम्मत से लड़ते आए है वैसे ही आगे लड़ेंगे।"
Created On :   7 March 2026 1:02 PM IST












