India-Australia Trade: भारत को मिलेगा यूरेनियम! पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हुई बड़ी डील, दोनों देशों ने जारी किया ज्वॉइंट स्टेटमेंट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया की यात्रा के बाद ऑस्ट्रेलिया पहुंचे। यहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम सप्लाई को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ। इस डील को भारत के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे देश की क्लीन एनर्जी योजना को मजबूती मिल सकती है। भारत में बिजली की जरूरत लगातार बढ़ रही है और न्यूक्लियर एनर्जी इसमें बड़ी भूमिका निभा सकती है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के पास दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडार में से एक है। ऐसे में दोनों देशों की यह साझेदारी आने वाले समय के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
भारत को कैसे होगा फायदा?
भारत में बिजली की मांग हर साल बढ़ रही है। ऐसे में सरकार न्यूक्लियर एनर्जी पर भी तेजी से काम कर रही है। लेकिन देश में यूरेनियम की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। ऑस्ट्रेलिया के पास दुनिया का करीब 28 प्रतिशत यूरेनियम भंडार है। अब इस समझौते के बाद भारत को वहां से यूरेनियम मिल सकेगा। इससे नए न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स को मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर क्षमता तैयार करना है, जिससे करोड़ों घरों तक बिजली पहुंचाई जा सके।
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समझौते में और क्या तय हुआ?
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने एक जॉइंट स्टेटमेंट भी जारी किया। इसमें कहा गया कि यूरेनियम का इस्तेमाल सिर्फ शांतिपूर्ण कामों के लिए होगा। पूरी प्रक्रिया IAEA के सुरक्षा नियमों के तहत होगी। इसके अलावा दोनों देशों ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भी साथ काम करने पर सहमति जताई है। हिंद महासागर में ऑस्ट्रेलिया के Cocos (Keeling) Islands पर एक अस्थायी स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल भी बनाया जाएगा। इससे भारत के भविष्य के स्पेस मिशनों को काफी हद तक तकनीकी मदद मिल सकती है।
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NPT का क्या है मामला और क्या बोले दोनों नेता?
भारत ने 1974 और 1998 में परमाणु परीक्षण किए थे। इसके बाद कई साल तक भारत पर यूरेनियम खरीदने से जुड़ी रोक रही। बाद में 2008 में नियमों में बदलाव हुआ और भारत को कुछ देशों से यूरेनियम खरीदने की अनुमति मिली। भारत ने Nuclear Non-Proliferation Treaty (NPT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वह इसे समान नहीं मानता। वहीं, ऑस्ट्रेलिया इसका हिस्सा है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि यह समझौता भारत की क्लीन एनर्जी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस डील से भारत को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम मिलने का रास्ता आसान होगा और देश के क्लीन एनर्जी लक्ष्य को नई गति मिलेगी।
Created On :   9 July 2026 5:17 PM IST












