comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

मेघालय: 18 दिनों से खदान में फंसे हैं मजदूर, टूटे-फूटे 3 हेमलेट मिले

December 29th, 2018 17:04 IST
मेघालय: 18 दिनों से खदान में फंसे हैं मजदूर, टूटे-फूटे 3 हेमलेट मिले

हाईलाइट

  • खदान के बगल से बहती है लैटिन नदी
  • खदान में घुस गया है नदी का पानी
  • 5 लोग कामयाब हो गए थे निकलने में

डिजिटल डेस्क, शिलॉन्ग। मेघालय की जयंतिया हिल्स खदान में 13 दिसंबर को फंसे 15 मजदूरों को पूरे 18 दिन बीत चुके हैं। इस बचाव अभियान में शनिवार को भारतीय नौसेना भी शामिल हो गई है। एनडीआरएफ की टीम को खदान से टूटी-फूटी हालत में 3 हेलमेट मिले हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि ये हेलमेट खदान में फंसे मजदूरों में से किसी के हैं।

शनिवार को खदान पहुंची नौसेना की टीम के आधुनिक डाइविंग उपकरण हैं, इसमें पानी के अंदर खोज करने वाले रिमोट कंट्रोल वाहन भी शामिल है। कोल इंडिया और पंप बनाने वाली कंपनी किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड ने कोयला खदान के लिए 18 हाई पावर पंप्स रवाना कर दिए हैं। 

मजदूर से हुआ दीवार में छेद!
दरअसल, जिस खदान में मजदूर फंसे हुए हैं, उसके ठीक बगल से ही लैटिन नदी बहती है। लोगों का मानना है कि किसी मजदूर से गलती होने पर गुफा की दीवार में छेद हो गया होगा, जिसके बाद नदी का पानी गुफा के अंदर घुस गया। किसी तरह 5 लोग खदान से निकलने में कामयाब हो गए थे, लेकिन 15 वहीं पर फंसे रह गए। इनमें से 7 वेस्ट गारो हिल्स जिले के तो 5 असम के हैं। तीन मजदूर लुमथरी गांव के बताए जा रहे हैं।

थाईलैड के मुकाबले स्थिति गंभीर
इससे पहले एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट संतोष सिंह ने बताया था कि शुक्रवार को खदान में पानी की स्थिति का पता लगाने के लिए क्रेन के सहारे एक गोताखोर को उतारा गया था। गोताखोर ने 15 मिनट बाद सीटी बजाई तो उसे वापस ऊपर खींच लिया गया। पहली बार बचावकर्मी ने खदान से बदबू आने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि थाईलैंड में फंसे बच्चों के मुकाबले यहां की स्थितियां ज्यादा मुश्किल हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो एनडीआरएफ ने जिला प्रशासन से 100 हॉर्स पावर के पंप की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।

कमेंट करें
R2Xrc
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।