दैनिक भास्कर हिंदी: Karnataka: ऑक्सीजन पहुंचने में हुई देरी, चामराजनगर के अस्पताल में 24 मरीजों की मौत

May 3rd, 2021

हाईलाइट

  • चामराजनगर के जिला कोविड अस्पताल में 24 मरीजों की दर्दनाक मौत
  • ऑक्सीजन की कमी के कारण 12 मरीजों की मौत हुई
  • मृतक मरीजों के रिश्तेदार अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में जमा हो गए

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। बेंगलुरु से 175 किलोमीटर दूर चामराजनगर के जिला कोविड अस्पताल में रविवार को 24 मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई। जिला प्रशासन के अनुसार, ऑक्सीजन की कमी के कारण 12 मरीजों की मौत हुई, जबकि अन्य रोगियों की मृत्यु दूसरे कारणों से हुई है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारी मौतों की संख्या को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन रोगियों को कोविड नहीं था उन्हें भी ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ा, जिसके कारण मौतें हुईं।

चामराजनगर के डिप्टी कमिश्नर डॉ. एम आर रवि ने कहा, 'रविवार सुबह और सोमवार सुबह के बीच कुल 24 मौतें हुई हैं। जिले में 23 लोगों की मौत हुई, जबकि एक व्यक्ति की प्राइवेट फैसिलिटी में मौत हुई है। हम यह नहीं कह सकते कि सभी मरीजों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई है।' डिस्ट्रिक्ट इन-चार्ज एस सुरेश कुमार ने बेंगलुरु में मीडियाकर्मियों को बताया कि उन्होंने 2-3 दिन पहले जिले का दौरा किया था और स्थिति की समीक्षा की थी। उन्होंने कहा, 'हर जीवन अनमोल है और कोई भी मृत्यु दुःख देती है। हमने मौतों पर रिपोर्ट मांगी है। सुरेश कुमार ने कहा कि इसके लिए जो भी जिम्मेदार होगा, हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, दुर्भाग्य से अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में भी ऑक्सीजन की शॉर्टेज हो गई थी। अस्पताल परिसर में लगे इस ऑक्सीजन प्लांट की 6,000 लीटर क्षमता है जो 1.5 दिनों तक ऑक्सीजन की जरूरतों को पूरा कर सकता है। रविवार शाम को इस प्लांट की ऑक्सीजन खत्म हो गई। मृतक मरीजों के रिश्तेदार और परिवार के सदस्य चामराजनगर अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में जमा हो गए और अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। इसके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

जिला अधिकारियों ने कहा कि पड़ोसी मैसूरु जिले से होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति समय पर नहीं मिली, जिसके कारण ये घटना हुई। हलांकि मैसूरु जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रविवार आधी रात तक चमराजनगर में कुल 250 ऑक्सीजन सिलेंडर भेजे गए थे और मैसूरु जिला प्रशासन की ओर से कोई देरी नहीं हुई।

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