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आतंकियों ने की 5 गैर कश्मीरी मजदूरों की गोली मारकर हत्या

आतंकियों ने की 5 गैर कश्मीरी मजदूरों की गोली मारकर हत्या

हाईलाइट

  • हमले में एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी
  • सभी मजदूर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले थे
  • 15 दिन में घाटी में 4 ट्रक ड्राइवर मारे जा चुके हैं

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में अर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद से आतंकवादी लगातार गैर कश्मीरियों को निशाना बना रहे हैं। मंगलवार को भी आतंकियों ने दूसरे राज्यों से काम करने आए पांच मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना जम्मू-कश्मीर के कुलगाम की है। वहीं हमले में एक व्यक्ति के गंभीर रूप से जख्मी होने की सूचना है। कश्मीर पुलिस के अनुसार सभी मजदूर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले थे। ज्ञात हो कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद से बीते 15 दिन में घाटी में अब तक चार ट्रक ड्राइवर मारे जा चुके हैं।

पुलवामा में आतंकियों ने स्कूल के बाहर गोलियां चलाईं
आतंकियों ने मंगलवार को दूसरी घटना को अंजाम दिया। इससे पहले पुलवामा में आतंकियों ने सीआरपीएफ जवानों के एक गश्ती दल पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक हमला द्रबगाम इलाके में एक स्कूल के पास  हुआ, जिसे छात्रों के लिए एग्जाम सेंटर को बनाया गया था। कुछ आतंकी जवानों पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। हमले में कोई घायल नहीं हुआ। आतंकियों की खोज के लिए इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन जारी है।

EU सांसदों का दौरा, पत्थरबाजी की घटनाएं भी आईं सामने
कश्मीर घाटी में आज यूरोपीयन सांसदों का डेलिगेशन दौरे पर है। डेलिगेशन के कश्मीर दौरे के चलते सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है। इसके बावजूद आतंकी लगातार किसी न किसी वारदात को अंजाम देने में कामयाब हो रहे हैं। इसके अलावा डेलिगेशन के दौरे के बीच ही श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाकों में पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई हैं। इससे पहले सोमवार रात अनंतनाग के बिजबेहारा में आतंकियों ने कश्मीर के उधमपुर के रहने वाले एक ट्रक ड्राइवर की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

घाटी में अशांति फैलाने के लिए सक्रिय आतंकी
गौरतलब है कि कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद से आतंकी लगातार घाटी में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार को भी सोपोर में आतंकवादियों ने ग्रेनेड से हमला किया था। इस हमले में 15 लोग घायल हो गए थे। वहीं दिवाली से एक दिन पहले यानी 26 अक्टूबर को भी श्रीनगर के काकासराए में CRPF जवानों पर आतंकी ग्रेनेड से हमलाकर फरार हो गए थे।

वहीं 24 अक्टूबर को भी आतंकियों ने कुलगाम स्थित CRPF कैंप पर ग्रेनेड से हमला किया था। इस हमले में CRPF का एक जवान घायल हो गया था। 7 अक्टूबर को भी श्रीनगर में हरि सिंह हाइट स्ट्रीट के पास आतंकियों के ग्रेनेड हमले में 7 घायल हो गए थे। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।