comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

सीधी में अब तक 51 की मौत: ड्राइवर ने स्टूडेंट्स के कहने पर बदला बस का रूट, फिर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए कम पड़ गए डॉक्टर

सीधी में अब तक 51 की मौत: ड्राइवर ने स्टूडेंट्स के कहने पर बदला बस का रूट, फिर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए कम पड़ गए डॉक्टर

हाईलाइट

  • बस में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे, कई एग्जाम देने जा रहे थे
  • बस का पिछला टायर फिसल रहा था, ब्रेक नहीं लग पाए और बस नहर में जा गिरी
  • 22 फीट गहरी नहर में पानी का बहाव तेज था, यात्रियों को बचने का मौका नहीं मिला

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश के सीधी जिले में मंगलवार सुबह करीब 7.30 बजे सतना जा रही बस 22 फीट गहरी बाणसागर नहर में गिर गई। हादसे में अब तक 51 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 7 लोगों की जान बचा ली गई है। वहीं 4 लोग अब भी लापता हैं। जानकारी के अनुसार नहर में बहाव तेज था इस कारण कुछ शव बह गए हैं। 51 शवों के पोस्टमॉर्टम के लिए रामपुर नैकिन में डॉक्टर कम पड़ गए। जिलेभर से डॉक्टरों को बुलाया गया, तब जाकर सभी शवों का पोस्टमॉर्टम हुआ।

बताया जा रहा है कि इस बस को सीधी से चुरहट, रामपुर नैकिन, बधबार और गोविंदगढ़ होते हुए सतना पहुंचना था। चुरहट तक बस आई, लेकिन उसके बाद रामपुर नैकिन से स्टूडेंट्स के कहने पर ड्राइवर ने रूट बदल लिया। इन स्टूडेंट्स का एग्जाम था, इसलिए उन्हें वक्त पर सतना पहुंचना था।

जाम और खराब सड़क से बचने के लिए बस का रूट बदला
दरअसल, सीधी से सतना जाने वाला नेशनल हाईवे-39 छुहिया घाटी से गुजरता है। जगह-जगह सड़क खराब और अधूरी होने से पिछले कुछ दिनों से छुहिया घाटी में जाम लग रहा है। इसलिए कई गाड़ियां छुहिया घाटी से पहले बगवार गांव से होते हुए जा रही हैं। बस के ड्राइवर ने भी जाम से बचने के लिए रूट बदला था।

सतना से 100 किमी दूर हुआ हादसा
ड्राइवर बस को लेकर सीधी से चुरहट और रामपुर नैकिन तक लेकर आया। फिर उसने बस को बगवार गांव में मोड़ दिया। यहां से बस सरदा गांव पहुंची। यहां सतना की ओर जाने वाले रास्ते के साथ-साथ नहर चलती है। यहां एक जगह रास्ता संकरा हो जाता है। हादसा रामपुर नैकिन के पास सरदा गांव में हुआ। यह जगह सीधी से 80 किलोमीटर और सतना से करीब 100 किलोमीटर दूर है। 

ऐसे हुआ हादसा
चश्मदीदों ने बताया कि बस का पिछला टायर नहर की ढलान की ओर जाने लगा। ड्राइवर ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन ब्रेक लगे नहीं और बस बेकाबू होकर नहर में जा गिरी। सतना में रजिस्टर्ड यह बस जबलानाथ परिहार ट्रेवल्स से जुड़ी हुई थी।

बस में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे
बस सुबह 6 बजे सीधी से रवाना हुई थी। इसमें 32 लोग बैठाए जा सकते थे, लेकिन ड्राइवर ने 60 से ज्यादा लोग भर लिए थे। इनमें ज्यादातर सीधी और सिंगरौली जिले के रहने वाले थे। 12 लड़के-लड़कियां रेलवे, NTPC और नर्सिंग का एग्जाम देने सतना और वहां से रीवा जाने के लिए अपनी मां या पिता के साथ इस बस में सवार हुए थे।

बांध का पानी डायवर्ट करने के बाद शुरू हो सका रेस्क्यू
हादसे के वक्त नहर में पानी का बहाव ज्यादा था। जब रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची तो बस पूरी तरह 22 फीट गहरी नहर में डूबी हुई थी। 40 किलोमीटर दूर मौजूद बांध जलाशय से पानी रुकवाकर उसे सिहावल नहर में डाइवर्ट किया। तब जाकर नहर में पानी कम हुआ और गोताखोर नहर में उतरे और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। हादसे के करीब चार घंटे बाद 11:45 बजे क्रेन की मदद से बस को बाहर निकाला गया।

बचाव टीम के संपर्क में हैं शिवराज
शिवराज सिंह चौहान ने हादसे पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने कहा, ''नहर काफी गहरी है। हमने तत्काल बांध से पानी बंद करवाया और राहत और बचाव दलों को रवाना किया। कलेक्टर, एसपी और एसडीआरएफ की टीम वहां है। बस निकालने के प्रयास हो रहे हैं। मैं राहत और बचाव कार्य करने वाली टीम के संपर्क में हूं। सात साथी बचाए जा चुके हैं।''

पीएम ने अनुग्रह राशि की घोषणा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधी बस हादसे पर दुख जताया। साथ ही मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की मुआवजा देने और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुयये दिए जाने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसकी जानकारी दी। 

गृह मंत्री शाह ने शिवराज से की बात
गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात की है। उन्होंने ट्वीट किया, 'मध्य प्रदेश के सीधी जिले में हुआ बस हादसा बहुत दुःखद है, मैंने मुख्यमंत्री शिवराज जी से बात की है। स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव के लिए हर संभव मदद पहुंचा रहा है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

बस का परमिट रद्द
वहीं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बस का परमिट रद्द कर दिया है। साथ ही ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। ये बस जबलानाथ परिहार ट्रेवल्स की थी। बस के मालिक कमलेश्वर सिंह हैं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि जांच में जो भी दोषी होगा छोड़ा नहीं जाएगा।

डूब गई 16 परिवारों के भविष्य की उम्मीदें
बाणसागर नहर से निकाले गए शवों में से 45 की पहचान कर ली गई है। इसमें से ज्यादातर युवा हैं, जो रेलवे और बीएससी नर्सिंग की परीक्षा देने के लिए रीवा और सतना जा रहे थे। जिन 51 शवों की पहचान की गई है, उनमें से 16 यात्रियों की उम्र 20 से 25 साल के बीच थी। दो साल के बच्चे की भी हादसे में मौत हुई है।

1. विमला द्विवेदी, 50 साल
2. प्रिया तिवारी, 20 साल
3. निमेश तिवारी, 38 साल
4. जगमोहन साकेत, 30 साल
5. श्यामलाल साकेत, 40 साल
6. हीरालाल शर्मा, 60 साल
7. लक्ष्मी, 22 साल
8. अमर ज्योति साकेत, 22 साल
9. राजेंद्र द्विवेदी, 40 साल
10. रामसुख साकेत, 50 साल
11. सुशीला प्रजापति, 27 साल
12. पिंकी गुप्ता, 25 साल
13. रीना तिवारी, 25 साल
14. सुमित्रा कोल, 35 साल
15. जगदीश, 65 साल
16. अशोक कुमार तिवारी, 48 साल
17. अनिल त्रिपाठी, 40 साल
18. कल्याण सिंह यादव, 22 साल
19. कविता यादव, 25 साल
20. अनिल कुमार पटेल, 24 साल
21. अर्चना गुप्ता, 2 साल
22. तपस्या पनिका, 26
23. अवधेश प्रजापित, 35 साल
24. विमला प्रजापति, 26 साल
25. राजकुमार प्रजापति, 24 साल
26. यशोदा विश्वकर्मा, 30 साल
27. कोमल सिंह, 25 साल
28. अनिल पटेल, 23 साल
29. राघवेंद्र तिवारी, 20 साल
30. रामवती सिंह, 20 साल
31. प्रियंका सिंह, 20 साल
32. मनमोहन बैगा, 35 साल
33. अयोध्या पाल, 40 साल
34. शिवभान पाल, 30 साल
35. प्रदीप कुमार
36. दिग्विजय सिंह चंदेल, 2
37. अंकिता तिवारी, 21 साल
38. सुषमा सिंह
39. अजय कुमार, 30 साल
40. रामकली यादव, 28 साल
41. विश्वनाथ यादव, 30 साल
42. पुष्पराज प्रजापति, 32 साल
43. सोमबाई सिंह
44. आशा सिंह
46. सविता बैगा, 25 साल
47. राजकली
48. नम्रता यादव
49. सुरेखा कोल
50. राजवती सिंह
51. त्रिमेश तिवारी

कमेंट करें
yJeQE