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Kanpur: हिस्ट्री शीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर फायरिंग, DSP और 4 सब इंस्पेक्टर सहित 8 शहीद, एनकाउंटर में दो बदमाश ढेर

Kanpur: हिस्ट्री शीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर फायरिंग, DSP और 4 सब इंस्पेक्टर सहित 8 शहीद, एनकाउंटर में दो बदमाश ढेर

हाईलाइट

  • बिठूर थाना क्षेत्र के विकरू गांव में दबिश देने गई थी पुलिस
  • हिस्ट्री शीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी पुलिस, तभी हमला हुआ

डिजिटल डेस्क, कानपुर। उत्तरप्रदेश के कानपुर में गुरुवार रात करीब एक बजे हिस्ट्री शीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां बरसा दी। इसमें सर्कल ऑफिसर (DSP) और 3 सब इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना में करीब 12 पुलिसकर्मी और 7 स्थानीय लोग भी घायल हुए हैं। वहीं पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में आरोपी विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और उसके एक साथी अतुल दुबे को मार गिराया है। अन्य तीन और अपराधियों को ट्रैक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के लिए संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने डीजीपी एचसी अवस्थी को अपराधियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं, उन्होंने इस घटना की रिपोर्ट भी मांगी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर हरकत में आ चुकीं पुलिस की एक दर्जन टीमें विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।

2001 में मंत्री की हत्यी की थी
पुलिस महानिदेशक हितेश चन्द्र अवस्थी ने बताया कि विकास दुबे कानपुर का हिस्ट्रीशीटर बदमाश हैं जिसपर करीब 60 मुकदमें दर्ज हैं। विकास दुबे वही अपराधी है, जिसने 2001 में राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी। शुक्रवाह सुबह विकास पर दबिश डालने के लिए पुलिस बिकरू गांव पहुंची जहां पर पुलिस को रोकने के लिए बदमाशों ने पहले से ही जेसीबी वगैरह लगा कर रास्ता रोक रखा था। पुलिस पार्टी के पहुंचते ही बदमाशों ने छतों से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें पुलिस के 8 जवान शहीद हो गए। घटनास्थल पर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर पहुंच गए हैं। SSP और IGP मौके पर हैं। फोरेंसिक टीम जांच कर रही है लखनऊ से भी फोरेंसिक की एक टीम जा रही है STF भी लगा दी गई है। विकास दुबे की लोकेशन पता लगाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस किया जा रहा है। 

विकास दुबे गिरोह के 2 अपराधियों मार गिराया
कानपुर में शुक्रवार को तड़के पुलिस और विकास दुबे गिरोह के बीच चले घंटों खुनी मुठभेड़ में गिरोह के दो अपराधी भी मारे गए हैं। इनमें विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और उसका एक साथी अतुल दुबे शामिल है। टीम का नेतृत्व कर रहे आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल ने कहा कि तीन और अपराधियों को ट्रैक किया जा रहा है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं विकास दुबे को भी पकड़ने के लिए एक बड़ा अभियान चलाय जा रहा है। पुलिस अपराधी को ट्रैक करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का उपयोग कर रही है।

घटनास्थल से AK-47 के खोखे मिले
पुलिस ने घटना स्थल से एके-47 के कारतूस और खोके बरामद किए हैं। करीब दो दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही शहर से बाहर जाने वाले सभी टोल-नाकों की सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। पूरे इलाके के लोगों के कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं। आसपास के जिलों की पुलिस को अलर्ट किया गया है। बदमाशों की तलाश शुरू हो गई है। जिलों की एसटीएफ यूनिट को भी बदमाशों की तलाश में लगाया गया है।

7 स्थानीय लोग भी घायल
मौके पर पहुंचे एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि बदमाशों की फायरिंग में सात स्थानीय लोग भी घायल हुए हैं। इसके साथ ही पुलिस के कई हथियार गायब हैं। घटना में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। कई जिलों की पुलिस को लगाया गया है।

घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम
फॉरेंसिक की टीम घटना स्थल पर पहुंच गई है और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फिंगर प्रिंट्स से पता किया जा रहा है कि पुलिस टीम पर हमला करने वाले कितने बदमाथ थे। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल हथियारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

ये पुलिसकर्मी हुए शहीद
बिल्हौर के सीओ देवेंद्र कुमार, शिवराजपुर के थाना प्रभारी महेश चंद्र यादव व सब इंस्पेक्टर नेबू लाल और मंधना के चौकी इंचार्ज अनुप कुमार, कॉन्स्टेबल सुल्तान सिंह, कॉन्स्टेबल राहुल, कॉन्स्टेबल जितेंद्र और कॉन्स्टेबल बबलू की मौत हो गई है। इसके अलावा बिठूर थाना प्रभारी कौशलेंद्र प्रताप सिंह समेत 7 पुलिसकर्मियों को गोली लगी है। इनका इलाज रीजेंसी हॉस्पिटल में चल रहा है।

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