दैनिक भास्कर हिंदी: दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार के बाद जजों के लिए 5 स्टार होटल में कोविड केयर सेंटर बनाने के आदेश रद्द, कोर्ट ने कहा- इससे अदालतों की गलत छवि बन रही

April 28th, 2021

हाईलाइट

  • गिद्ध की तरह बर्ताव न करें ऑक्सीजन कंपनियां
  • लाखों रेमडेसिविर एक्सपोर्ट किए, अब लोग इसके लिए तरस रहे
  • ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने वाले प्लांट कब्जे में ले सरकार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने अपने उस आदेश को वापस लेने के लिए निर्देश जारी किए हैं, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के जजों, अन्य न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवार वालों के लिए दिल्ली के अशोका होटल के 100 कमरों को कोविट केयर सेंटर में तब्दील करने की बात कही गई थी। दिल्ली सरकार का यह फैसला दिल्ली हाईकोर्ट की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जजों के लिए फाइव स्टार होटल में कोविड केयर सेंटर की कोई मांग नहीं की गई थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि हमने कभी भी दिल्ली के अशोका होटल में जजों के लिए स्पेशल कोविड सुविधा की मांग नहीं की थी।

इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अदालत ने कहा- “हम ये सोच भी नहीं सकते कि एक संस्थान के तौर पर हम कोई बेहतर सुलूक चाहेंगे। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि वो अशोक होटल में कोर्ट के जजों और उनके परिजनों के लिए 100 कमरे देने के अपने फैसले को तुरंत वापस लें।” दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि हमने सिर्फ ये कहा था कि अगर एक न्यायिक अधिकारी या एक जज या उनके परिजन कोरोना से संक्रमित होते हैं, जो उन्हें अस्पताल में जगह मिलनी चाहिए। हमारी चिंता उन न्यायिक अधिकारियों को लेकर थी, जो अदालतों को संभालते हैं। हमने पहले ही दो अधिकारियों को खो दिया है।

दिल्ली सरकार को डांट लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि आपने इस तरह का विवाद क्यों खड़ा किया, ऐसा लग रहा है मानों हमने विशेष सुविधा की मांग की थी। हालांकि दिल्ली सरकार ने कहा कि इसके पीछे कोई दुर्भावना नहीं थी। मीडिया ने ऐसी धारणा बना दी। दिल्ली सरकार ने अदालत को ये भी जानकारी दी कि शहर के कई होटलों को कोविड केयर सुविधा में तब्दील किया गया है और उन्हें अलग अलग अस्पतालों से जोड़ा गया है।

गिद्ध की तरह बर्ताव न करें ऑक्सीजन कंपनियां
दिल्ली में ऑक्सीजन के संकट के बीच इसकी कालाबाजारी को लेकर हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि कुछ सौ रुपए के ऑक्सीजन सिलेंडर लाखों रुपए में बेचे जा रहे हैं। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पेश हुई ऑक्सीजन बनाने वाली एक कंपनी से कहा, ‘यह गिद्धों की तरह बर्ताव करने का समय नहीं है।’

लाखों रेमडेसिविर एक्सपोर्ट किए, अब लोग इसके लिए तरस रहे
दिल्ली में रेमडेसिविर की कमी पर भी हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि लाखों रेमडेसिविर इंजेक्शन एक्सपोर्ट किए जा चुके होंगे। अब लोग इसके लिए तरस रहे हैं। मरीजों को जरूरत के वक्त ये कहीं नहीं मिल पा रहा है।

ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने वाले प्लांट कब्जे में ले सरकार
कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि आपके पास एक्शन लेने का पॉवर है। जो लोग ऑक्सीजन की कालाबाजारी कर रहे हैं, सरकार उनके प्लांट्स का अधिग्रहण करे। इस पर दिल्ली के मुख्य सचिव ने बताया कि दिल्ली में पहुंचने वाले सभी ऑक्सीजन टैंकर का ब्योरा मांगा गया है। इसके आधार पर तीन दिन के लिए ऑक्सीजन का कोटा तय किया जाएगा।

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