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रोजाना बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, विरोध के बावजूद खामोश सरकार

September 10th, 2018 12:09 IST

हाईलाइट

  • रोजाना बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
  • पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना जरुरी-प्रधान
  • मुंबई में पेट्रोल 87.89 रुपए लीटर हुआ

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल में लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम जनता बेहाल है। हर दिन ईंधन के दामों में वृद्धि हो रही है। विपक्ष के विरोध के बावजूद सरकार दाम कम करने को लेकर कोई कदम नहीं उठा रही है। रविवार को फिर एक बार पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई। इस बढ़ोतरी के साथ अब नई दिल्ली में पेट्रोल 80.50 रुपए प्रति लीटर हो चुका है, वहीं डीजल 72.61 रुपए प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। मुंबई में पेट्रोल 87.89 रुपए लीटर तो डीजल 77.09 रुपए प्रति लीटर हो गया है।

पेट्रोलियम मंत्री  का बयान
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि अब जरूरी हो गया है कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) के दायरे में लाया जाए। तेल कीमतों में बढ़ोतरी की वजह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में हो रही उथल पुथल है। इन्हें जीएसटी के दायरे में लाकर ही कीमतों पर कुछ नियंत्रण किया जा सकता है। शनिवार को फिर एक बार पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई। इस बढ़ोतरी के साथ अब नई दिल्ली में पेट्रोल 80.38 रुपए प्रति लीटर हो चुका है, वहीं डीजल 72.51 रुपए प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। मुंबई में पेट्रोल 87.77 रुपए लीटर तो डीजल 76.98 रुपए प्रति लीटर हो गया है।

विपक्ष के निशाने पर सरकार 
विपक्ष पेट्रोल और डीजल के दामों का लेकर लगातार सरकार को घेर रहा है, साथ ही विपक्षी दल पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतरगत लाने की मांग भी लंबे समय से कर रहे हैं। वहीं पेट्रोल और डीजल के आसमान छूते दामों को लेकर लोगों में आक्रोश है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और एनडीए के पूर्व सहयोगी एन चंद्रबाबू नायडू ने तेल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर हाल ही में अपने एक बयान में कहा थी कि जल्द ही देश में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर होगी। पेट्रोल-डीजल के बढ़ रहे दामों पर अंकुश लगाने में सरकार नाकाम रही है, लगातार महंगे हो रहे भी पेट्रोल-डीजल के कारण माल ढुलाई भाड़ा भी बढ़ गया है। इसके चलते देशभर में फल सब्जी से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों के सामान भी महंगे हो रहे हैं। आम लोगो को इसके चलते महंगे पेट्रोल के साथ रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के भी अधिक दाम देने पड़ रहे हैं। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।