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अयोध्या पर फैसला: UP, MP, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में आज स्कूल और कॉलेज बंद

अयोध्या पर फैसला: UP, MP, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में आज स्कूल और कॉलेज बंद

हाईलाइट

  • अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुना दिया है
  • कई राज्यों में आज स्कूल, कॉलेज और इंटरनेट सेवाएं भी बंद रहेंगी

डिजिटल डेस्क। अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने जमीन पर मलिकाना हक रामलला को दिया है। वहीं मुस्लिम पक्ष को कहीं और 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाएगी। 5 जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से यह फैसला दिया है। कोर्ट ने मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी केन्द्र सरकार को देते हुए तीन महीने में स्कीम तैयार करने का आदेश दिया है। सरकार 3 महीने में मंदिर निर्माण और प्रबंधन के लिए ट्रस्ट बनाएगी, उसमें निर्मोही को भी कुछ प्रतिनिधित्व मिलेगा।

फैसले से पहले कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों में आज स्कूल और कॉलेज को बंद रखने का राज्य सरकारों ने आदेश दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश में सोमवार तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। इसके अलावा देश के कई शहरों में आज इंटरनेट सेवाएं भी बंद रहेंगी। मामले को देखते हुए देश के कई राज्य में सीआरपीसी की धारा 144 लागू की गई है।  

यूपी के सभी स्कूल, कॉलेज 11 तक बंद
अयोध्या मामले पर को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संसस्थान और प्रशिक्षण केंद्रों को 9 से 11 नवंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट शनिवार को फैसला सुनाएगा, और मामले को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी करने के सख्त निर्देश दिए हैं। हालांकि इससे पहले ही अयोध्या में 10 दिसंबर तक के लिए धारा 144 लगा दी गई है। इसके अलावा मथुरा और काशी समेत उत्तर प्रदेश के सभी संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त जवानों को लगाया गया है।

यूपी में कड़ी सुरक्षा के इंतजाम 
अयोध्या में, शुक्रवार की देर रात से सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, जिसमें 4,000 अतिरिक्त अर्धसैनिक बल थे। मंदिरों का शहर एक प्रकार के अभेद किले में बदल गया है। शहर के सभी प्रवेश बिंदु आधी रात के बाद पूरी तरह से सील कर दिए गए और दो हेलीकॉप्टरों - एक लखनऊ में और एक अयोध्या में - को स्टैंडबाय पर रखा गया है। लखनऊ में एक राज्य-स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जबकि प्रत्येक जिले का अपना नियंत्रण कक्ष होगा। सूत्रों ने बताया कि रेलवे पुलिस ने अपने सभी जोनों को सुरक्षा तैयारियों के बारे में निर्देश देने के लिए सात पन्नों की एक एडवाइजरी जारी की। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने कहा कि उसके सभी कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है और उन्हें एस्कॉटिर्ंग ट्रेनों में लगे रहने का निर्देश दिया गया है।

उप्र के शहरों में बंद की गई इंटरनेट सेवाएं 

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और आगरा में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। यह सेवा मध्यरात्रि के तुरंत बाद बंद कर दी गई। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने कहा कि स्थिति सांप्रदायिक व संवेदनशील होने के मद्देनजर और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए अन्य जिलों में भी इंटरनेट सेवा को बंद किया जा सकता है। उन्होंने कहा, हमारे सोशल मीडिया सेल इंटरनेट पर उन 673 लोगों पर लगातार नजर रख रहे हैं जिनकी पोस्ट या टिप्पणियां परेशानी का सबब बन सकती हैं। हमारे पुलिसकर्मियों ने जिले, पुलिस स्टेशन और स्थानीय स्तर पर संभावित खतरों और हॉटस्पॉट की पहचान की है। हमने कानून व्यवस्था सबनाए रखने के लिए 31 संवेदनशील जिलों की पहचान की जैसे-आगरा अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और अन्य। सिंह ने कहा कि राज्य में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।

मप्र में स्कूल, कॉलेज में छुट्टी
मध्य प्रदेश  के स्कूल और कॉलेज में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेशवासियों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। सर्वोच्च न्यायालय की संविधानपीठ द्वारा आज अयोध्या की जन्मभूमि पर फैसला सुनाया जाने वाला है, इसके चलते राज्य सरकार ने सभी सरकारी, गैर सरकारी और अशाासकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। अयोध्या फैसले को ध्यान में रखकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है। प्रमुख स्थानों पर पुलिस तैनात की गई है और संवदेनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ गश्त की जा रही है। प्रशासन और पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर भी खास नजर रखी जा रही है। इसके लिए पुलिस की साइबर सेल विशेष रूप से सक्रिय है। पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों की सूचना देने के लिए मोबाइल नंबर भी जारी किए है ।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।