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विमान सेवा शुरू: पहले दिन 532 विमानों में करीब 40 हजार लोगों ​ने किया सफर, 630 उड़ानें रद्द होने से यात्रियों ने नाराजगी जताई

विमान सेवा शुरू: पहले दिन 532 विमानों में करीब 40 हजार लोगों ​ने किया सफर, 630 उड़ानें रद्द होने से यात्रियों ने नाराजगी जताई

हाईलाइट

  • कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच दो माह बाद शुरू हुई हवाई सेवा
  • एयरपोर्ट पर दोबारा लौटी रौनक, लेकिन बिना सूचना के कई फ्लाइट्स रद्द 
  • एयरपोर्ट पहुंचने के बाद फ्लाइट रद्द की खबर पाकर मायूस हुए कई यात्री

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में लॉकडाउन के चौथे चरण में दो महीने से बंद विमान सेवा को सोमवार को शुरू किया गया। पहले दिन देशभर में 500 से ज्यादा विमानों ने उड़ान भरी। इनमें करीब 40 हजार यात्रियों ने सफर किया। वहीं 5 साल का एक बालक अपनी मां से मिलने दिल्ली से अकेले बेंगलुरु पहुंचा। वहीं पहले ही दिन करीब 630 उड़ानें रद्द हो गई, जिसके बाद एयरपोर्ट पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई राज्यों ने हवाई परिचालन को सीमित कर दिया, जिससे इस तरह की स्थिति बन गई। अकेले दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे से दोपहर एक बजे तक लगभग 80 उड़ानें रद्द कर दी गईं। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा समय पर जानकारी न देने से लोगों ने नाराजगी जताई।

सूत्रों के मुताबिक पहले दिन राज्यों के प्रतिबंधों की वजह से करीब 630 उड़ानों को रद्द किया गया। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सोमवार को 532 उड़ानें संचालित हुईं, जिनसे 39,231 यात्रियों ने सफर किया। मुंबई के CSMIA में 24 आगमन और 23 प्रस्थान की उड़ानें संचालित होनी हैं। हवाई अड्डे से मूल रूप से 100 से अधिक उड़ानें शुरू करने के लिए कार्यक्रम निर्धारित था, मगर राज्य सरकार ने रविवार को इस संख्या को 25 तक सीमित कर दिया। इस कारण मुंबई जाने वाले कई यात्रियों को परेशान होना पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट पर मुंबई जाने वाले यात्री जेम्स ने बताया कि मेरी दिल्ली से मुंबई के लिए 1 बजे की फ्लाइट थी। मैं सुबह 10 बजे से यहां पहुंचा हुआ हूं। काउंटर पर मुझे बताया गया कि मुंबई जाने वाली 3 फ्लाइट्स को एक साथ क्लब कर दिया गया है, क्योंकि मुंबई में एक दिन में 25 से ज्यादा फ्लाइट्स लैंड नहीं करेंगी। उन्हें ये पहले बताना चाहिए था। 

पलभर में उदासी में बदली खुशी
कई फ्लाइट्स रद्द कर दी गई तो कई का वक्त 10-12 घंटे तक पीछे किया जा चुका है। दिल्ली एयरपोर्ट पर ऐसे कई यात्री नजर आए जिन्हें यहां पहुंचने के बाद पता चला कि उनकी उड़ान रद्द हो गई है। नाइक सतीश कुमार को कोलकाता जाना था और कोलकाता जाने वाले विमान ने उड़ान नहीं भरी क्योंकि राज्य ने 28 मई तक विमान सेवाएं बहाल ना करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मैं सुबह छह बजे कोलकाता जाने वाले विमान के लिए अंबाला से यहां आया। जब यहां पहुंचा तो पता चला कि उड़ान रद्द हो गई है। अब वापस घर लौट रहा हूं।

900 रुपए प्रतिदिन देना पड़ता था होटल का किराया
पटना के मेकैनिकल इंजीनियर आमिर अफजल 23 मार्च को आधिकारिक काम के लिए दिल्ली आए थे, वह दोस्तों और परिवार के साथ ईद मनाने के लिए आज यहां से रवाना हुए। उन्होंने कहा, 'मैं अपने सहकर्मी के साथ महिपालपुर में रह रहा था। होटल का किराया 900 रुपये प्रतिदिन था। हमें घर वापस जाने के लिए ट्रेन का टिकट नहीं मिल पा रहा था।' अफजल के दोस्त राशिद ने कहा कि वह खुश हैं कि वह बिहार के बेगूसराय जिले में अपने परिवार के साथ ईद मना पाएंगे। उन्होंने कहा, 'लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे कई बेघर और भूखे प्रवासी जो ट्रेन या विमान के टिकट खरीदने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह त्योहार बेरंग ही रह जाएगा।

दोपहर तक संचालित हुईं अधिकांश उड़ानें
हवाई अड्डे पर अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि यात्रियों के बीच भ्रम है कि क्या उनकी सुबह की उड़ान अभी भी संचालित हो रही है या नहीं। वे सभी कम से कम दो घंटे पहले टर्मिनल पर पहुंच गए थे। हालांकि एयरलाइन के अधिकारियों और टर्मिनल के स्टाफ ने स्थिति को संभाल लिया। दोपहर तक अधिकांश उड़ानें संचालित हुईं हैं। कोविड-19 के प्रकोप के कारण घरेलू उड़ानें दो महीनों से बंद पड़ी हुई थी और सोमवार को सेवाएं बहाल हुई, मगर इसके बावजूद सैकड़ों यात्री अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए, जिससे वे निराश नजर आए। इंडिगो ने सोमवार तड़के अपनी दिल्ली-पुणे सेवा का संचालन किया। आईजीआई एयरपोर्ट में बाद में अहमदाबाद से स्पाइसजेट की उड़ान भी आने वाली है। जैसी ही घरेलू उड़ानें शुरू हुई तो आईजीआई की तरह ही सीएसएमआईए से भी दो उड़ानें संचालित हुईं। पहली उड़ान मुंबई से पटना के लिए रवाना हुई। वहीं मुंबई आने वाली पहली उड़ान लखनऊ से थी।

यात्रियों ने नाराजगी जताई
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि दोनों उड़ान इंडिगो द्वारा संचालित की गई थी। पटना के लिए पहले विमान ने सुबह 6.45 बजे के आसपास उड़ान भरी, जबकि आने वाली उड़ान लगभग 8.20 पहुंची। कई राज्यों ने हवाई परिचालन को सीमित कर दिया, जिसकी वजह से विमानन उद्योग को सोमवार को संचालित की जाने वाली उड़ानें रद्द करनी पड़ी। इसकी वजह से काफी यात्री निराश हुए और उनके चेहरे पर गुस्सा भी साफ तौर पर झलक रहा था। यात्रियों को शांत करने के लिए केंद्र ने कहा कि देश के दो राज्यों को छोड़कर बाकी सभी जगह घरेलू उड़ानें संचालित होंगी।

3 महीने बाद मां से मिलने दिल्ली से अकेले बेंगलुरु पहुंचा 5 साल का मासूम 
फ्लाइट सर्विस शुरू होते ही विहान नाम का एक 5 साल का बच्चा अकेले ही अपनी मां से मिलने के लिए दिल्ली से बेंगलुरु पहुंच गया। विहान की मां मंजरी शर्मा ने बताया, उनका बेटा पिछले तीन महीनों से दिल्ली में अपने दादा-दादी के पास था। लॉकडाउन की वजह से वह फंसा हुआ था। दिल्ली से अकेले बेंगलुरु पहुंचे बच्चे को लेने एयरपोर्ट पहुंचीं मां ने बताया, फ्लाइट स्टाफ ने बच्चे को सुरक्षित पहुंचाया।

आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी जगह विमान सेवा शुरू 
बता दें कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने रविवार शाम को ट्वीट किया कि देश भर के राज्यों में सोमवार को आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को छोड़कर घरेलू उड़ान सेवाएं फिर से शुरू होंगी। केंद्र ने 25 मई से मेट्रो सिटी और अन्य जगहों पर समर शेड्यूल की एक-तिहाई क्षमता के साथ यात्री उड़ान संचालन की अनुमति दी थी। केंद्र ने कहा था कि इस क्षमता को आने वाले समय में बढ़ाया जा सकता है। कोविड-19 के प्रकोप के मद्देनजर राष्ट्रव्यापी बंद के कारण यात्री हवाई सेवाओं को 25 मार्च से निलंबित कर दिया गया था।


 

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