दैनिक भास्कर हिंदी: बादशाह अकबर नहीं महाराणा प्रताप थे महान, उनके जीवन से लें प्रेरणा - योगी आदित्यनाथ 

June 15th, 2018

हाईलाइट

  • उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप जयंती पर कहा कि बादशाह अकबर नहीं बल्कि वीर पराक्रमी महाराणा प्रताप महान थे।
  • महाराणा प्रताप ने कभी भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया।
  • हम भारतीय हैं एक मुगल शासक को कैसे स्वीकार कर सकते है। आज भी वनवासी समाज महाराणा प्रताप को मानता है।
  • सीएम योगी लखनऊ के गोमती नगर स्थित आईएमआरटी इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
  • उन्होंने महाराणा प्रताप को याद करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप ने अकबर के सैनिकों को दो टूक कहा था कि विदेशी और विधर्मी को हम अपना बादशाह नहीं स्वीकार कर सकते हैं।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप जयंती पर कहा कि बादशाह अकबर नहीं बल्कि वीर पराक्रमी महाराणा प्रताप महान थे। हम सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेना चाहिए। महाराणा प्रताप ने कभी भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। हम भारतीय हैं एक मुगल शासक को कैसे स्वीकार कर सकते है। आज भी वनवासी समाज महाराणा प्रताप को मानता है।


 


सीएम योगी लखनऊ के गोमती नगर स्थित आईएमआरटी इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि अगर हम अपनी अतीत में झांक कर देखें तो हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने महाराणा प्रताप को याद करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप ने अकबर के सैनिकों को दो टूक कहा था कि विदेशी और विधर्मी को हम अपना बादशाह नहीं स्वीकार कर सकते हैं। सीएम योगी ने कहा कि महाराणा प्रताप के सामने अकबर का एक संदेश था कि वे उसे अपना बादशाह स्वीकार कर लें, ये संदेश ले जाने वालों में जयपुर के राजा मान सिंह भी थे, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद अधर्मी, विदेशी को महाराणा प्रताप ने बादशाह स्वीकार नहीं किया। सीएम योगी ने कहा कि उस दौरान अकबर के साथ स्वाभिमान, सम्मान गिरवी रखने वाले राजा भी थे, लेकिन महाराणा प्रताप ने स्वाभिमान, सम्मान को अपने छोटे से राज्य के साथ जीवित रखा। 


समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है महाराणा
सीएम योगी ने कहा कि महाराणा प्रताप का पूरा जीवन देश और समाज के लिए समर्पित रहा है। महाराणा प्रताप अपने राज्य और लोगों के लिए कई बार मुगलों से लड़ाई की लेकिन कभी अपने स्वाभिमान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया, इसलिए उनके जीवन से सभी को प्रेरणा लेना चाहिए। उनके से जीवन से शौर्यवान, पराक्रमी, स्वाभिमानी और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिलती है।