दैनिक भास्कर हिंदी: J&K: NSA, R&AW, IB और CRPF हेड के साथ अमित शाह की बैठक

June 19th, 2021

हाईलाइट

  • अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की
  • दिल्ली में शीर्ष अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की
  • जम्मू-कश्मीर का सर्वांगीण विकास मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता - गृहमंत्री

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में विकास परियोजनाओं की समीक्षा के लिए दिल्ली में शीर्ष अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की। इसके बाद सुरक्षा हालात को लेकर बड़ी बैठक हुई जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर अरविंद कुमार, रॉ प्रमुख सामंत कुमार गोयल, सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह और जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह शामिल हुए।

इन बैठकों के बाद गृह मंत्री ने ट्वीट कर कहा, जम्मू-कश्मीर का सर्वांगीण विकास मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज इसी क्रम में बैठक कर जम्मू-कश्मीर में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा की व संबंधित विभागों को जम्मू-कश्मीर में विकास की गति को और तीव्र करने के दिशा-निर्देश दिए। 

अमित शाह ने प्रधानमंत्री विकास पैकेज, औद्योगिक विकास की परियोजनाओं सहित अन्य कई विकास योजनाओं को तेजी से पूरा करने को कहा। उन्होने 3000 मेगावाट की पाकल डुल व कीरू जल-विद्युत परियोजना को फ़ास्ट ट्रैक करने के साथ 3300 मेगावाट की अन्य योजनाओं को शुरू करने के भी निर्देश दिए। केंद्रीय गृह मंत्री ने PoJK, पश्चिमी पाकिस्तान और कश्मीर से जम्मू आए सभी शरणार्थियों को जल्दी से जल्दी शरणार्थी पैकेज का लाभ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। 

केंद्रीय गृह मंत्री ने अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा का दायरा बढ़ाने पर भी बल दिया। साथ ही उन्होने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और प्रत्येक जिले में कम से कम एक कृषि आधारित उद्योग लगाने की बात कही। उन्होने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में सेब उत्पादन की गुणवत्ता और डेनसिटी को बढाने की दिशा में काम करें, जिससे सेब उत्पादकों को फसल का अधिकतम दाम मिल सकेगा।

अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को निर्देश दिया कि किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री किसान योजना, जिसके अंतर्गत किसानों के खाते में प्रतिवर्ष 6000/- रुपये जमा किए जाते हैं तथा किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत सभी किसानों को इन योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। केंद्रीय गृह मंत्री ने इंडस्ट्रियल पालिसी का फ़ायदा छोटे छोटे उद्योगों तक पहुंचे ये सुनिश्चित करने को भी कहा। 

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