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अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के लिए वर्चुअल रैली से किया चुनावी शंखनाद

June 09th, 2020 18:30 IST
 अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के लिए वर्चुअल रैली से किया चुनावी शंखनाद

हाईलाइट

  • अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के लिए वर्चुअल रैली से किया चुनावी शंखनाद

नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में पहली वर्चुअल रैली के जरिये अमित शाह ने विधानसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है। रैली के जरिये अमित शाह ने न केवल भाजपा कार्यकताओं का उत्साह बढ़ाया बल्कि राज्य की राजनीति भी गर्मा दी। अपने एक घन्टे के भाषण में शाह ने केन्द्र की योजनाओं की फेहरिस्त गिनाई, राज्य को इन योजनाओं से हुए फायदे गिनाये और राज्य सरकार की कमियां उजागर की।

रैली को कामयाब बनाने के लिए भाजपा ने कोई कसर नहीं छोड़ी रखी थी। रैली के बाद पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा ने आईएएनएस को बताया, रैली में देश और विदेश के एक करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े, यह रैली आगामी विधानसभा चुनाव के लिये बेहद महत्वपूर्ण है।

गौरतलब है कि राज्य में 4 महीने बाद कोई पॉलिटिकल मीटिंग हो रही थी। रैली को असली लुक देने के लिए 65 हजार बूथों पर हजारों एलईडी स्क्रीन लगाए थे। रैली को कामयाब बनाने की लिए भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को खास संदेश दे रखा था। शाह के भाषण को अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सुनाया गया।

उधर, कवि दुष्यंत कुमार की कविता से बंगाल में परिवर्तन का आह्वान करते हुए अमित शाह ने कहा कि बंगाल में परिवर्तन भाजपा ही कर सकती है। पांच साल की भाजपा सरकार के बाद हिंसा समाप्त हो जाएगी। टोल टैक्स समाप्त हो जाएगी। परिवारवाद समाप्त हो जाएगा। जीत की काउंटिंग शुरू होते ही बम धमाके वाले नहीं रहेंगे।

पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव की पहली रैली को संबोधित करते हुये अमित शाह ने कहा कि राजनीतिक परिवर्तन का माध्यम हिंसा से नहीं हो सकती है। पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा में कई कार्यकर्ता घायल हुए। 100 से अधिक भाजपा के कार्यकर्ता मारे गये, एफआईआर दर्ज की गई। भाजपा हिंसा से डरने वाली नहीं है। आप हमें रोक नहीं सकती हैं। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने 11000 करोड़ रुपये बंगाल की जनता को भेजा है, लेकिन ममता दीदी राजनीतिक तंज कसती हैं, कहती हैं कि भाजपा वाले संभाल लेंगे। बंगाल की जनता आपकी इच्छा जल्द पूरा करने वाली है। बंगाल में भाजपा की सरकार बनने वाली है

एक तरफ शाह ने ममता सरकार के खिलाफ तेवर आक्रमक रखा, वहीं दूसरी तरफ मोदी सरकार पार्ट 2 के पहले साल की उपलब्धियों के बहाने 6 साल की उपलब्धियों का लेखा जोखा रखा। एक तरफ शाह केंद्र की उपलब्धियों को जनता के सामने रख रहे थे तो दूसरी तरफ ममता सरकार से 10 साल के कामकाज का ब्यौरा भी मांग रहे थे। आयुष्मान योजना और किसान सम्मान निधि के मसले पर घेरते हुये शाह ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का एजेंडा तय कर दिया। साथ ही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिये भी राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश की।

यही नहीं शाह ने कहा कि राज्य सरकार अपराधियों, परिवारवाद, तुष्टिकरण, भष्ट्राचार की राजनीति को बढ़ावा दे रही है। भाजपा सांसदों और जनप्रतिनिधियों को रोक रही। भाजपा के कार्यकर्ताओं पर हिंसा हो रही है। उन्होंने कहा कि जितना ही टीएमसी हिंसा का कीचड़ फैलाएगी, भाजपा उतना ही फैलेगी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।