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370 हटाने का फैसला ऐतिहासिक, अब वक्त सच्चा इतिहास लिखने का: अमित शाह


हाईलाइट

  • अमित शाह ने रविवार को कहा, पांच से सात वर्ष के अंदर जम्मू-कश्मीर देश का सबसे विकसित राज्य बनेगा
  • 370 के कारण कश्मीर में आतंकवाद का दौर चालू हुआ था, जिसमें अब तक 41,800 लोग मारे गए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को आतंकवाद का जिक्र करते हुए कहा कि, कश्मीर की जनता पर गोली नहीं चलेगी लेकिन अगर कोई आतंकी आता है तो उस पर गोली जरूर चलेगी। फिर वह कश्मीर में हो या देश के किसी अन्य हिस्से में। इतना ही नहीं शाह ने कहा, कश्मीर का इतिहास तोड़-मरोड़कर देश के सामने रखा गया, क्योंकि जिनकी गलतियां थीं उनके हिस्से में इतिहास लिखने की जिम्मेदारी आई। उन्होंने अपनी गलतियों को सील्ड करके जनता के सामने रखा। अब समय आ गया है इतिहास सच्चा लिखा जाए और सच्ची जानकारी जनता के सामने रखी जाए।

अनुच्छेद 370 का जिक्र करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, बहुत सारी भ्रांतियां और गलतफहमियां 370 और कश्मीर के बारे में आज भी फैली हुई हैं, उनका स्पष्ट होना जरूरी है। जितना स्पष्ट कश्मीर की जनता के सामने होना जरूरी है उतना ही स्पष्ट भारत की जनता में भी होना जरुरी है। सबसे पहले जब देश आजाद होता है तो उसके सामने सुरक्षा का प्रश्न, संविधान बनाने का प्रश्न ऐसे कई प्रकार के प्रश्न होते हैं, लेकिन हमारे सामने 630 रियासतों को एक करने का प्रश्न आ गया। 630 रियासतों को एक करने में कोई दिक्कत नहीं आई लेकिन जम्मू-कश्मीर को अटूट रूप से एक करने में 5 अगस्त, 2019 तक का समय लग गया।

शाह ने कहा, जम्मू-कश्मीर ऐसा राज्य था जहां ऐंटी करप्शन ब्यूरो नहीं था। वहां इसको 5 अगस्त 2019 को लाया गया। कश्मीर में मानवाधिकार अधिनियम भी लागू नहीं था। मोदी जी की सरकार आने के बाद वहां इसे लाया गया। सरकार देश की जनता को जिन योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहती थी, वह पूरे देश में तो पहुंचती थी लेकिन 370 की वजह से कश्मीर की जनता को इसका लाभ नहीं मिलता था। 

शाह ने कहा, जो लोग हम पर आरोप लगाते हैं कि ये राजनीतिक स्टैंड है उनको मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ये हमारा स्टैंड तब से है जब से हमारी पार्टी बनी। ये हमारी मान्यता है कि जब अनुच्छेद 370 था, तब देश की एकता और अखंडता के लिए ठीक नहीं था। कश्मीर में कुछ समय के लिए फोन बंद हुए तो मानवाधिकार की बात करने लगे, लेकिन अनुच्छेद 370 की वजह से अब तक जो 41,800 लोग मारे गए क्या उनके परिवारों का कोई मानवाधिकार नहीं है। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।