दैनिक भास्कर हिंदी: अब यूपी में भी शेल्टर होम कांड, पुलिस ने 24 लड़कियों को छुड़ाया

August 6th, 2018

हाईलाइट

  • अब तक 18 लड़कियों का कोई पता नहीं चल सका है।
  • भागकर महिला थाने पहुंची बच्ची ने पुलिस के सामने किया खुलासा।
  • बच्ची ने कहा, हमसे झाड़ू पोंछा करवाया जाता था।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भी अब एक शेल्टर होम कांड का खुलासा हुआ है। पुलिस ने छापामारी करके देवरिया जिले के मां विन्धयावासिनी बालिका गृह से 24 लड़कियों को छुड़ाया है। बालिका गृह में ही रहने वाली 18 लड़कियों का फिलहाल कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस के छापे में ये लड़कियां बालिका गृह में नहीं मिलीं। स्टेशन रोड पर स्थित बालिका गृह से भागकर महिला थाने पहुंची एक बच्ची ने पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं। बच्ची ने कहा कि बालिक गृह में उनसे बर्तन मंजवाने और झाड़ू-पोछा का काम करवाया जाता था। पुलिस ने संचालिका गिरजा त्रिपाठी को पति और बेटी सहित गिरफ्तार कर लिया है। गिरजा का कहना है कि पुलिस हिरासत में बच्चियों से ये सब बुलवाया जा रहा है।

 

 

चल रही सीबीआई जांच
बालिक गृह के बारे में कई रोचक जानकारियां सामने आई हैं। इस बालिक गृह में अनियमितता की जांच पहले से सीबीआई कर रही है। सरकार ने इसे फंड देना भी बंद कर दिया है। गिरजा त्रिवेदी जबरजस्ती बालिका गृह चला रही थीं। बता दें कि काफी पहले संस्था को बंद करने का आदेश राज्य सरकार दे चुकी है। आदेश में लड़कियों को दूसरे शेल्टर होम में शिफ्ट करने की बात भी कही गई थी।

 

 

15 साल से ऊपर की लड़कियों को कहीं भेजा जाता था
बालिका गृह के चंगुल से किसी तरह भागी बच्ची ने एसपी रोहन कनय को बताया कि संस्था में 15 साल से ऊपर की लड़कियों को अक्सर रात में कहीं भेजा जाता था। लड़कियों को लेने के लिए कभी लाल तो कभी काले रंग की गाड़ी आती थी। रातभर बाहर रहने के बाद जब लड़कियां वापस आती थीं वो बहुत रोती थीं, लेकिन पूछने पर कुछ बताती नहीं थीं। डीपीओ प्रभात कुमार ने बताया कि 24 लड़कियां मिली हैं, बाकी 18 लड़कियों की तलाश की जा रही है। लड़कियों को गैर कानूनी तरीके से यहां रखा गया था। संस्था स्थगित करने पर हम उसे बंद करवाने गए थे, लेकिन उस समय हमे विरोध का सामना करना पड़ा था।
 

इस मामले में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच के बाद पिछले साल मामला सामने आया था। बालिका गृह अवैध रूप से संचालित है। उसे बंद करने और बच्चों को ट्रांसफर करने के आदेश दिए थे, जिनका पालन नहीं किया गया।