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Arnab Goswami Bail: अर्नब गोस्वामी को बड़ा झटका, बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से इनकार किया

Arnab Goswami Bail: अर्नब गोस्वामी को बड़ा झटका, बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से इनकार किया

हाईलाइट

  • अदालत ने उन्हें अलीबाग अदालत में नियमित जमानत याचिका दायर करने के लिए कहा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को रिपब्लिक टीवी के प्रबंध निदेशक और मुख्य संपादक अर्नब गोस्वामी की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। गिरफ्तारी के छह दिन बाद भी गोस्वामी को कोई राहत नहीं मिल सकी है। अदालत ने उन्हें अलीबाग अदालत में नियमित जमानत याचिका दायर करने के लिए कहा है और साथ ही यह निर्देश भी दिया है कि इस पर चार दिनों के भीतर फैसला किया जाना चाहिए।

गोस्वामी की टीम ने उन्हें एक स्कूल से तलोजा सेंट्रल जेल में स्थानांतरित करने के एक दिन बाद ही अलीबाग अदालत के समक्ष अपनी जमानत याचिका दायर कर दी थी। वहीं महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने गृहमंत्री अनिल देशमुख से गोस्वामी की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त की है। आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने देशमुख से गोस्वामी के परिवार से मिलने और उनके साथ बात करने की अनुमति देने का आग्रह किया है।

बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने इंटीरियर डिजाइनर को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े 2018 के एक मामले में गोस्वामी को अंतरिम जमानत देने से इनकार किया है। इस मामले में अर्नब के अलावा दो अन्य आरोपियों फिरोज शेख और नीतीश सारदा को गिरफ्तार किया गया था।उन्हें न्यायालय से 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर रखा गया। इस मामले पर महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई और सरकार के रवैये को लेकर विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी आलोचना की है। 

जस्टिस एस एस शिंदे और एम एस कार्णिक की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को असाधारण क्षेत्राधिकार के तहत रिहा करने का कोई मामला नहीं बनता है। पीठ ने कहा कि अर्नब गोस्वामी को जमानत के लिए पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट फिर सत्र न्यायालय में आवेदन करना होगा। वहां से जमानत नहीं मिलने पर ही वह उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर कर सकते हैं।इस मामले में कोई अलग से व्यवस्था नहीं है। 


 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।