मुंबई ड्रग्स केस: वानखेड़े पर लगे आरोप से आसान होगा आर्यन की जमानत का रास्ता!

October 25th, 2021

हाईलाइट

  • एनसीबी अधिकारी वानखेड़े के खिलाफ होगी जांच

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में महाराष्ट्र सरकार और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो आमने-सामने आ गए हैं। आपको बता दें कि समीर वानखेड़े अभिनेता शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान कथित ड्रग्स मामले में चर्चा है। एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। बता दें कि आर्यन खान से जुड़े ड्रग्स केस की जांच कर रहे समीर वानखेड़े पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रभाकर सईल नामक युवक ने एफिडेविट में दावा किया गया था कि आर्यन खान के मामले को सुलझाने के लिए गोसावी सैम नाम के शख्स से फोन पर 25 करोड़ रुपए से बात शुरू कर 18 करोड़ में फिक्स करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने 8 करोड़ रुपए समीर वानखेड़े को देने की भी बात कही है। इस सभी आरोपो को लेकर अब उनके खिलाफ NCB ने जांच शुरू कर दी है। NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि समीर वानखेडे़ पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच विजिलेंस जांच हो रही है। वानखेडे़ अपने पद पर बनें रहेंगे या नहीं, इस सवाल पर ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि वह पद पर बने रहेंगे या नहीं इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता।

राउत के ट्वीट से बवाल

तमाम आरोपों के बीच शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने भी एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट के जरिए दावा किया गया है कि आर्यन से ब्लैंक पेज पर दस्तखत करवाए गए। केवल इतना ही नहीं उन्हें एनसीबी दफ्तर तक लाने वाले गोसावी ने उनकी फोन पर बातचीत भी करवाई। 

वानखेड़े के ऊपर आरोप से आर्यन को मिल सकती है राहत?

आप को बता दें कि समीर वानखेड़े के ऊपर मंत्री नवाब मलिक के कथित आरोप के बाद से मामला तूल पकड़ लिया है। यहां तक कि समीर वानखेड़े के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू हो गई है। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या ड्रग्स केस में फंसे शाहरूख खान के बेटे को इससे राहत मिल सकती है। जानकारों की मानें तो आर्यन को इससे कोई फायदा नहीं मिल सकता है क्योंकि समीर वानखेडे़ ने उनके खिलाफ कितना मजबूती से साक्ष्य प्रस्तुत किया है, इस पर कोर्ट फैसला करेगी इसलिए अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा। हालांकि माना ये जा रहा कि एनसीबी अपनी छवि को बचाने लिए भी समीर वानखेड़े के खिलाफ जांच का आदेश दे कर मामले को शांत करने का प्रयास किया है। 

नवाब मलिक के ट्वीट जिसमें उठाया गंभीर सवाल

दरअसल नवाब मलिक ने एक ट्वीट के जरिए कहा था, समीर दाऊद वानखेडे का फर्जीवाड़ा यहां से शुरू हुआ। जिसमें उनकी जाति को लेकर सवाल खड़ा किया है और समीर वानखेडे़ को समीर दाउद वानखेड़े बताया है। बाद में मुंबई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने इन आरोपो का खंडन किया।

मेरे परिवार को बदनाम करने की साजिश की जा रही

मुंबई क्रूज केस में आर्यन का नाम आने के बाद एनसीबी अधिकारी पर हमले थम नहीं रहे हैं, आपको बता दें नवाब मलिक ट्वीटर पर लगातार समीर वानखेड़े के खिलाफ हमलावर दिख रहे हैं। जिसको लेकर समीर वानखेड़े मीडिया के जरिए अपने पत्र में लिखा है कि मेरे पिता ज्ञानदेव कचरूजी वानखेड़े साल 2017 में पुणे में एक्साइज विभाग से बतौर सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हुए थे। मैं एक सेक्यूलर परिवार पला-बढ़ा हूं। मुझे इस बात का गर्व है। मैंने साल 2006 में डॉक्टर शबाना कुरैशी से शादी की थी और साल 2016 में आपसी रजामंदी से हमने तलाक लिया था। इसके बाद साल 2017 में मैंने क्रांति दीनानाथ रेडेकर से शादी की थी। जानबूझकर मेरे और मेरे परिवार से जुड़ी हुई चीजों को ट्विटर जैसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा है। यह मेरी फैमिली की निजता के लिए खतरनाक है। इसके अलावा मुझे और मेरे परिवार को बदनाम करने की साजिश मंत्री नवाब मलिक की तरफ से बीते कुछ दिनों से लगातार की जा रही है। इस वजह से मैं काफी तनाव में हूं।