दैनिक भास्कर हिंदी: नागरिकता बिल बवाल: गुवाहाटी में कर्फ्यू में ढील, इंटरनेट सेवा बंद

December 14th, 2019

हाईलाइट

  • नागरिकता बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी
  • असम व त्रिपुरा में सेना तैनात

डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी। नागरिकता बिल को लेकर पूर्वोत्तर और देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। असम और त्रिपुरा में सेना तैनात कर गई है और कर्फ्यू लागू है। इस बीच गुवाहाटी में आज (शनिवार) सुबह 9 बजे से शाम चार बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है, हालांकि इंटरनेट सेवा बंद है। बता दें कि नागरिकता संधोशन कानून के विरोध में प्रदर्शन के बाद गुरुवार शाम से ही इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी।

जापान पीएम की गुवाहाटी यात्रा रद्द
जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गुवाहाटी में अपने भारतीय समकक्ष पीएम नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली बैठक अभी के लिए रद्द कर दी गई है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की। प्रधानमंत्री आबे अपनी 15 से 17 दिसंबर की तीन दिवसीय यात्रा के लिए भारत आने वाले थे। प्रधानमंत्री मोदी और आबे के बीच यह बैठक गुवाहाटी में होनी थी।

प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशनों में लगाई आग
नागरिकता बिल के खिलाफ प्रदर्शन ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में हिंसक रूप ले लिया। इसे एनआरसी का विरोध भी माना जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशनों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। वे रेल पटरियों और राजमार्गो पर धरना दिया, जिससे ट्रेन सेवाएं और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। मुर्शिदाबाद जिले के बेलडंगा रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारी स्टेशन मास्टर के केबिन में घुस गए, टिकट काउंटर पर लूटपाट की, उसके बाद आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने रेल पटरियों पर जाम लगा दिया, जिससे लालगोला और कृष्णा नगर के बीच ट्रेनों का परिचालन ठप्प पड़ गया। उन्होंने बेलडंगा में राष्ट्रीय राजमार्ग का अवरुद्ध कर दिया। सड़क पर टायर जलाए और कुछ वाहनों को भी क्षति पहुंचाई।

दुष्कर्म के खिलाफ भी सख्त कानून बनाने में जल्दी दिखाते
बसपा की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक को पास कराने के लिए केंद्र सरकार ने जितनी जल्दबाजी दिखाई है, अगर दुष्कर्म के खिलाफ सख्त कानून बनाने में भी जल्दी दिखाई होती, तो बेहतर होता। मायावती ने ट्वीट किया, बसपा ने नागरिकता संशोधन विधेयक का संसद के दोनों सदन में जबर्दस्त विरोध किया व इसके विरुद्घ वोट भी दिया। इस विधेयक को पास कराने हेतु केन्द्र ने जितनी जल्दबाजी दिखाई है यदि उतनी ही जल्दबाजी देश में महिला उत्पीड़न व रेप-मर्डर आदि पर अंकुश लगाने हेतु सख्त कानून बनाने पर भी दिखाई होती, तो यह बेहतर होता।