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अयोध्या का नक्शा फाड़ने पर बवाल, साधु-संतों ने की केस दर्ज कराने की मांग

अयोध्या का नक्शा फाड़ने पर बवाल, साधु-संतों ने की केस दर्ज कराने की मांग

हाईलाइट

  • नक्शा फाड़कर राजीव धवन नेहिंदू संस्कृति और जजों का अपमान किया
  • इस मामलें में जजों को कोई कार्रवाई करनी चाहिए
  • कांग्रेस नहीं चाहती अयोध्या में राम मंदिर बने

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। अयोध्या मामले में आखिरी सुनवाई में मुस्लिम पक्षकार वकील राजीव धवन द्वारा नक्शा फाड़ने से संत समाज नाराज हो गया है। राम जन्मभूमि न्यास से जुड़े राम विलास वेदांती ने कहा कि नक्शा फाड़कर राजीव धवन ने भारतीय संविधान, हिंदू संस्कृति और जजों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि, वह इस मामले में केस दर्ज कराने वाले थे, लेकिन अयोध्या मामला प्रभावित नहीं हो इसलिए नहीं किया। वेदांती ने कहा, इस मामलें में जजों को ही कोई कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं अखिल भारत हिंदू महासभा ने राजीव धवन की शिकायत बार काउंसिल ऑफ इंडिया से की है। 

कांग्रेस नहीं चाहता मंदिर बने

वेदांती ने कांग्रेस पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि 70 साल से कांग्रेस बस इंतजार कराती रही। कांग्रेस नहीं चाहती कि अयोध्या में राम मंदिर बने। राम विलास ने आगे कहा,कोर्ट ने 70 साल से लटके मामले की सुनवाई 40 दिन में करके सराहनीय कार्य किया है। अयोध्या में बाबर का कुछ भी नहीं है। 

चीफ जस्टिस के आदेश पर फाड़ा

मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने अपने बचाव में कहा कि मैंने नक्शा कोर्ट के आदेश पर फाड़ा। मैं उसे फेंकना चाहता था, तब चीफ जस्टिस ने कहा तुम फाड़ सकते हैं।

40 दिन चली सुनवाई

अयोध्या मामलें में सुप्रीम कोर्ट में 40 दिन सुनवाई चली। बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि इस मामले में बहस अब खत्म हो गई है। सभी पक्षों से उनकी तहरीरें सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब हमें फैसला लिखने के लिए समय चाहिए। 

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