दैनिक भास्कर हिंदी: अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में सोनिया गांधी के नाम पर बवाल, बीजेपी-कांग्रेस में शुरू हुआ घमासान

December 30th, 2018

हाईलाइट

  • अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सोनिया गांधी का नाम आने के बाद बीजेपी-कांग्रेस के बीच बयानबाज तेज हो गई है।
  • बीजेपी का कहना है कि बिचौलियों के बिना कांग्रेस ने आज तक कोई भी रक्षा सौदा नहीं किया है।
  • कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग अपने विरोधियों को खत्म करने के लिए कर रही है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले में कांग्रेस चेयरपर्सन सोनिया गांधी का नाम आने के बाद बीजेपी-कांग्रेस के बीच घमासान शुरू हो गया है। एक और जहां राफेल मुद्दे पर घिरी बीजेपी इस मामले पर अब आक्रामक होकर गांधी परिवार पर निशाना साध रही है। वहीं कांग्रेस नेता, मोदी सरकार पर एजंसियों पर दबाव डलवाकर गांधी परिवार को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं। बता दें कि अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के बिचौलिए क्रिस्चन मिशेल ने पूछताछ में सोनिया गांधी का नाम लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में यह दावा किया। ED ने कोर्ट में यह भी बताया कि मिशेल ने 'इटली की महिला के बेटे' का भी जिक्र किया है। 


इस बहुचर्चित हेलिकॉप्टर घोटाले में गांधी परिवार के सदस्यों का जिक्र होने के बाद बीजेपी का कहना है कि बिचौलियों के बिना कांग्रेस ने आज तक कोई भी रक्षा सौदा नहीं किया है। बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कांग्रेस सरकार घोटालों की सरकार रही। जल, थल, आकाश सभी जगह इन्होंने घोटाले किए गए। जावड़ेकर ने कहा कि मिशेल ने ED की पूछताछ में बिग मैन, सन ऑफ इटैलियन लेडी, पार्टी लीडर, R जैसे शब्दों का जिक्र किया है। ये सभी शब्द एक ही परिवार की तरफ इशारा करते हैं।

 

 

जावड़ेकर ने अगस्ता वेस्टलैंड के सहारे राफेल पर घिर रही मोदी सरकार का बचाव भी किया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी बार-बार राफेल सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं। कहते हैं कि HAL को इस सौदे में दरकिनार कर अंबानी की फर्म को लिया गया। लेकिन आज बिचौलिए मिशेल के बयान से खुलासा हो गया कैसे कांग्रेस सरकार ने HAL को कैसे दरकिनार किया। ये लगातार खुलासे सामने आ रहे है इसीलिए हमें समझ में आ रहा है चोर इतना शोर क्यों मचा रहा है।'

इधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कोर्ट के समक्ष ED के इस दावे को मोदी सरकार के दबाव में कही गई बात बतलाई  है। उन्होंने कहा कि आज से पहले मैंने कभी इतना बेतुका नहीं सुना और ये भी ED की ओर से आया है, जिसने कोर्ट के समक्ष यह दावा किया है। मोदी सरकार दुर्भावनापूर्ण यह सब कर रही है। इस दुष्प्रचार के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है।

आनंद शर्मा ने यह भी कहा कि देश की बड़ी एजंसियों का बेशर्मी से दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा, 'सीबीआई का सफाया हो चुका है, ED की भी कोई विश्वसनीयता नहीं बची है। मोदी सरकार जाने वाली है, यह सब उसके पहले की कार्रवाई है। एजंसियों को कानून के दायरे में काम करना चाहिए, सरकार के आदेश पर नहीं। इस मामले में जांच एजेंसी द्वारा कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं किए जा रहे हैं।'