comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020: स्मृति ईरानी पर भाजपा को ज्यादा भरोसा, ज्यादा रैलियां कराना चाहती है पार्टी

January 11th, 2020 15:18 IST
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020: स्मृति ईरानी पर भाजपा को ज्यादा भरोसा, ज्यादा रैलियां कराना चाहती है पार्टी

हाईलाइट

  • राहुल गांधी को अमेठी से हराने के बाद स्मृति ईरानी का पार्टी में कद और बढ़ा है
  • महाराष्ट्र और झारखंड के हालिया विधानसभा चुनाव में स्मृति ईरानी को काफी तवज्जो दिया
  • स्मृति ईरानी 2004 लोकसभा चुनाव दिल्ली के चांदनी चौक सीट से लड़ीं थीं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी उन स्टार प्रचारकों में शामिल रहेंगी। जिनकी भाजपा अधिक से अधिक रैलियां कराएगी। ऐसा पार्टी सूत्रों का कहना है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जिस तरह से बीते चार जनवरी को मेरी दिल्ली-मेरा सुझाव मुहिम को हरी झंडी दिखाने के लिए खासतौर से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को आमंत्रित किया गया। उससे संकेत मिले हैं कि पूरे चुनाव में उनकी खास भूमिका होगी।

राहुल गांधी को हराकर कद बढ़ा
साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को अमेठी से हराने के बाद स्मृति ईरानी का पार्टी में कद और बढ़ा है। महाराष्ट्र और झारखंड के हालिया विधानसभा चुनाव में बतौर स्टार प्रचारक स्मृति ईरानी को पार्टी ने काफी तवज्जो भी दिया। उम्मीदवारों में भी उनकी रैलियों के लिए होड़ लगी रही। अब दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी उन्हें अधिक से अधिक चुनाव प्रचार के मैदान में उतारने की तैयारी है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि मोदी सरकार की यंगेस्ट कैबिनेट मिनिस्टर स्मृति ईरानी का अपना एक ग्लैमर है। युवाओं पर उनका काफी प्रभाव है। तीखी भाषण शैली है, विपक्षी नेताओं पर चुन-चुनकर वार करतीं हैं। उनकी रैलियां पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने वाली होती हैं। इस नाते स्मृति ईरानी से अधिक रैलियां पार्टी कराना चाहती है।

ईरानी की रैलियों से पार्टी को फायदा
दिल्ली भाजपा के एक अन्य नेता ने कहा कि स्मृति ईरानी दिल्ली में ही पैदा हुईं, यहीं पली-बढ़ीं और पढ़ीं-लिखीं। पिता पंजाबी मूल के रहे तो माता बंगाली मूल की। स्मृति ईरानी भाजपा से पहला लोकसभा चुनाव 2004 में दिल्ली के ही चांदनी चौक सीट से लड़ीं थीं। उनकी दिल्ली में कार्यकर्ताओं की अपनी एक पुरानी टीम भी है। ऐसे में स्मृति ईरानी की रैलियों से पार्टी को लाभ मिलेगी, इसमें कोई दो राय नहीं है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि जल्द ही पार्टी तीन दर्जन से अधिक स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी करने वाली है, जिसमें स्मृति ईरानी का नाम प्रमुखता से होगा।
 

कमेंट करें
ihZar
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।