दैनिक भास्कर हिंदी: Education: 4 मई से शुरू होंगी CBSE Board की परीक्षाएं, 15 जुलाई तक आएंगे रिजल्ट, जानिए पूरा कार्यक्रम

January 1st, 2021

हाईलाइट

  • चार मई से शुरू होंगी बोर्ड की परीक्षाएं
  • 15 जुलाई तक आएंगे रिजल्ट
  • प्रैक्टिकल की परीक्षाएं 1 मार्च से शुरू होंगी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री के मुताबिक सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से 10 जून के बीच होंगी। परिणामों की घोषणा 15 जुलाई तक होगी। प्रैक्टिकल की परीक्षाएं 1 मार्च से शुरू होंगी। यह घोषणा शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने की। उन्होंने कहा कि 2020-21 के स्टूडेंट की परीक्षाएं कोरोना की वजह से आगे बढ़ा दी गई हैं। हर साल यह फरवरी से शुरू होकर मार्च तक खत्म हो जाती थी। शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने शाम 6 बजे छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोनाकाल में आप लोगों ने जैसे खुद को तैयार किया है वो काबिले तारीफ है। अध्यापक और अभिभावकों के प्रति मैं आभारी हूं।

बता दें कि सीबीएसई बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं के तारीखों का बेसब्री से इंतजार था। सीबीएसई बोर्ड ने इस महीने की शुरुआत में ही कह दिया था कि परीक्षाएं लिखित माध्यम से ही होंगी न कि ऑनलाइन माध्यम से। बता दें कि परीक्षा तिथि के एलान में विलंब के चलते कई स्कूल छात्रों की तैयारी के लिए ऑनलाइन माध्यम से प्री-बोर्ड परीक्षाएं करवाने लगे थे। 

सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम

तारीख 

कार्यक्रम

1 मार्च 2021

प्रायोगिक परीक्षाओं की शुरुआत

4 मई 2021

लिखित परीक्षाओं की शुरुआत

10 जून 2021

परीक्षाएं समाप्त

15 जुलाई 2021

परिणाम आने की संभावना

शिक्षा मंत्री ने कहा- कोरोना के बावजूद साल खराब नहीं होने दिया
निशंक ने कहा- हमने अपने बच्चों का साल खराब नहीं होने दिया। सुरक्षा, सजगता के साथ हमने परीक्षा कराई है और उनका साल खराब होने से बचाया है। छात्रों ने भी जिस मनोबल से काम किया, यह अद्भुत उदाहरण है। हमारे देश में 33 करोड़ छात्र-छात्राएं हैं। यह अमेरिका की कुल आबादी से भी ज्यादा है।

स्टूडेंट और टीचर्स ने डिजिटल लर्निंग के लिए खुद को ढाला
डिजिटल लर्निंग पर उन्होंने कहा- कोविड-19 के संकट के दौरान भी हमारे छात्रों और हर किसी ने चुनौतियों का सामना किया। अध्यापकों ने योद्धा बनकर काम किया। डिजिटल पढ़ाई हुई। छात्र-छात्राओं ने खुद को तैयार किया। हां, कुछ छात्र-छात्राएं हैं जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं था। लेकिन, हमने टेलीविजन और रेडियो के माध्यम से ऐसे छात्रों के लिए काम किया।

बता दें कि सीबीएसई बोर्ड में आम तौर पर प्रैक्टिकल परीक्षाओं की शुरुआत जनवरी में हो जाती है और लिखित परीक्षाएं फरवरी के आस-पास होती हैं। लेकिन इस साल कोरोना की वजह से पैदा हुई स्थिति के चलते पहली बार ऐसा हो रहा है कि बोर्ड परीक्षाएं मई में आयोजित कराई जा रही हैं और प्रैक्टिकल परीक्षाएं मार्च में हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के बाद देशभर के सभी स्कूल मार्च में बंद कर दिए थे। अक्तूबर में कुछ राज्यों ने आंशिक तौर पर स्कूलों को दोबारा खोलने की शुरुआत की थी। हालांकि, कुछ राज्यों ने संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अपने यहां अभी तक स्कूलों को बंद ही रखा है।

 

 

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