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CBI ने अपने ही डीएसपी और इंस्पेक्टर को अरेस्ट किया, 55 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप

CBI ने अपने ही डीएसपी और इंस्पेक्टर को अरेस्ट किया, 55 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप

हाईलाइट

  • CBI ने रिश्वतखोरी के मामले में अपने दो अधिकारी को अरेस्ट किया
  • दोनों अधिकारियों पर 55 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप
  • इन्होंने बैंक फ्रॉड की आरोपी कंपनियों को मदद पहुंचाई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने रिश्वतखोरी के मामले में अपने दो अधिकारी डीएसपी आरके ऋषि और इंस्पेक्टर कपिल धनकड़ को गिरफ्तार किया है। दोनों अधिकारियों पर 55 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने बैंक फ्रॉड की आरोपी कंपनियों को मदद पहुंचाई और इसके लिए रिश्वत ली।

सीबीआई ने इस मामले में बीते दिनों अपने दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, मेरठ और कानपुर के 14 ठिकानों पर छापेमारी की थी। जिसके बाद जांच एजेंसी ने बैंक सिक्योरिटी एंड फ्रॉड सेल में तैनात स्टेनोग्राफर समीर सिंह, डीएसपी आरके सांगवान और डीएसपी आरके ऋषि को निलंबित कर दिया था। कपिल धनकड़ को भी सीबीआई निलंबित कर चुकी है।

आठ पेजों वाली एफआईआर के अनुसार इंस्पेक्टर कपिल धनखड़ ने सांगवान और ऋषि से रिश्वत के पैसे लिए, जो श्री श्याम पल्प एंड बोर्ड मिल्स के पक्ष का अनुरोध कर रहे थे। ये कंपनी 700 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में और फ्रोस्ट इंटरनेशनल 3,600 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी है। सीबीआई ने दो वकीलों ,श्री श्याम पल्प और बोर्ड मिल्स के अतिरिक्त निदेशक मनदीप कौर ढिल्लों और फ्रोस्ट इंटरनेशनल के निदेशक सुजय देसाई और उदय देसाई के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

इससे पहले सीबीआई ने रिश्वतखोरी के दो अलग-अलग मामलों में दिल्ली पुलिस के दो हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक कनॉट प्लेस में तैनात था जबकि दूसरे की तैनाती भजनपुरा थाने में थी। 

कांस्टेबल अजीत शर्मा पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता से नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में सड़क के किनारे अपनी दुकान चलाने के लिए रिश्वत की मांगी थी। सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया कि आरोपी हेड कांस्टेबल अजीत शर्मा को शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एक अन्य व्यक्ति के साथ जाल में फंसाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

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