दैनिक भास्कर हिंदी: CBI ने ICICI बैंक की पूर्व CEO चंदा कोचर, दीपक कोचर और वीएन धूत के खिलाफ दर्ज की FIR

January 24th, 2019

हाईलाइट

  • धूत के विडियोकोन ग्रुप को ICICI बैंक से 3,250 करोड़ रुपये का लोन मिला था
  • CBI की टीम ने मुंबई और महाराष्ट्र के चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की
  • धूत ने दीपक कोचर और उनके दो रिश्तेदारों की एक कंपनी को करोड़ों रुपये दिए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। CBI ने बड़ा कदम उठाते हुए ICICI बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर, वीडियोकॉन ग्रुप के एमडी वीएन धूत और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसके बाद से ICICI बैंक के शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखी गई है। वीडियोकॉन प्रमुख वीएन धूत के साथ दीपक कोचर के संबंधों की जांच के लिए प्रेलिमिनरी इन्कवायरी (PE) दर्ज करने के 10 महीने बाद CBI ने यह केस दर्ज किया है। इस सिलसिले में CBI की टीम ने मुंबई और महाराष्ट्र के चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। CBI के ऑफिसर मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित विडियोकॉन के मुख्यालय और औरंगाबाद स्थित दफ्तर की भी तलाशी ली गई। साथ ही, दीपक कोचर की कंपनी न्यूपावर रीन्यूएबल्स प्राइवेट लि.(NRPL) के ऑफिस पर भी CBI ने छापा मारा। 

आरोप है कि धूत ने दीपक कोचर और उनके दो रिश्तेदारों की एक कंपनी को करोड़ों रुपएदिए। इससे पहले, 2012 में धूत के विडियोकोन ग्रुप को ICICI बैंक से 3,250 करोड़ रुपएका लोन मिला था। यह लोन SBI की अगुवाई वाली 20 बैंकों की कंशोर्सियम से प्राप्त 40 हजार करोड़ रुपएके लोन का हिस्सा था। धूत ने 2010 में कथित तौर पर अपने पूर्ण मालिकाना हक वाली इकाई के जरिए NRPL को 64 करोड़ रुपएदिए थे। आरोप यह भी है कि लोन मिलने के छह महीने बाद ही उन्होंने 9 लाख रुपएके एवज में अपना यह मालिकाना हक दीपक कोचर के एक ट्रस्ट को ट्रांसफर कर दिया था। 

गौरतलब है कि 10 महीने पहले जब CBI ने मामले में पीई दाखिल किया था तब ICICI बैंक ने चंदा कोचर का पक्ष लेते हुए कहा था कि उसे उन पर पर पूरा विश्वास है। तब बैंक ने यह भी कहा था कि वीडियोकॉन को लोन देने में गड़बड़ी का कोई सवाल ही नहीं है। हालांकि, अक्टूबर 2018 में मामला जोर पकड़ने पर चंदा कोचर ने ICICI बैंक से खुद इस्तीफा दे दिया था। 

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