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देशभर में बकरीद का जश्न, राष्ट्रपति कोविंद और पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

August 22nd, 2018 14:33 IST
देशभर में बकरीद का जश्न, राष्ट्रपति कोविंद और पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

हाईलाइट

  • देशभर में मनाई जा रही बकरीद।
  • जामा मस्जिद में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद-उल-अजहा कर नमाज पढ़ी।
  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी ट्वीट कर बकरीद की शुभकामनाएं दी हैं।
  • खुले में बकरे की कुर्बानी पर भी रोक।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में आज बकरीद का जश्न मनाया जा रहा है। दिल्ली स्थित जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ी। नमाज अदा करने के बाद गले मिलकर एक दूसरे को ईद की बधाई दी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बकरीद की शुभकामनाएं दी हैं।



राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर दी शुभकामनाएं

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्विटर पर देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने ट्वीट किया है, ईद-उल-अजहा के अवसर पर सभी देशवासियों विशेषकर हमारे मुस्लिम भाइयों और बहनों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। इस विशेष दिन हम त्याग और बलिदान की भावना के प्रति अपना आदर व्यक्त करते हैं। आइए, अपने समावेशी समाज में एकता और भाईचारे के लिए मिलकर काम करें।



बकरीद पर दी जाती है बकरे की कुर्बानी

दरअसल हर साल मुस्लिमों के दो बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। एक ईद-उल-फितर तो दूसरा ईद-उल-अजहा। ईद-उल-अजहा यानी बकरीद के मौके पर नमाज पढ़ने के बाद जानवरों की कुर्बानी दी जाती है। वहीं ईद-उल-फितर पर एक महीने के रमजान के बाद मु्स्लिम समुदाय के लोग आपस में मिठाई बांट कर भाईचारा बढ़ाते हैं। इस्लाम धर्म में मान्यता है ईद-उल-अजहा को खुदा के दूत इब्राहिम के सम्मान में मनाया जाता है। जो अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे को बलिदान करने को तैयार हो गया था। जिसके बाद रिवाज शुरू हुआ। ईद-उल-अजहा का जश्न तीन दिन तक बड़ी धूम से मनाया जाता है। कुर्बानी का सिलसिला भी ईद के दिन को मिलाकर तीन दिनों तक चलता है।





 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।