comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

चर्च निकाय ने गोवा पर्यटन नीति 2020 की निंदा की, इसे मृगतृष्णा कहा

November 28th, 2020 16:01 IST
 चर्च निकाय ने गोवा पर्यटन नीति 2020 की निंदा की, इसे मृगतृष्णा कहा

हाईलाइट

  • चर्च निकाय ने गोवा पर्यटन नीति 2020 की निंदा की, इसे मृगतृष्णा कहा

पणजी, 28 नवंबर (आईएएनएस)। चर्च निकाय ने नवनिर्मित गोवा पर्यटन नीति 2020 को मृगतृष्णा की तरह बताते हुए कहा कि इससे न तो राज्य को लाभ होगा, न ही यहां के लोगों को। साथ ही यह भी कहा कि दस्तावेज में डेटा और तथ्यों की भी कमी है।

राज्य के पर्यटन मंत्रालय को लिखे पत्र में सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म के कार्यकारी निदेशक फादर फ्रेडी ब्रागांका, जो गोवा चर्च के तत्वावधान में काम करते हैं, उन्होंने कहा कि पिछले महीने कैबिनेट ने जिस नीति को मंजूरी दी थी, उसमें पर्यावरण पतन, सेक्स टूरिज्म, ड्रग्स की आसान उपलब्धता, महिलाओं और बच्चों की ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज किया गया था।

वहीं वर्ष अंत के आसपास अधिक खर्च करने वाले पर्यटकों के बारे में कहा गया कि यह कथन विचारों में दिवालियापन प्रदर्शित करता है। आश्चर्य करने वाली बात यह है कि अधिक खर्चीला की अवधारणा और उसका परिमाणीकरण क्या है। वल्र्ड क्लास जैसे अस्पष्ट शब्दों को योग्य बनाने की जरूरत है।

फादर ब्रागांका ने मंत्रालय को लिखे अपने पत्र में कहा कि लोगों को फॉकस करते हुए न्यायसंगत और समान पर्यटन की परिकल्पना करने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने नीति को होल्ड पर रखने और उद्योगों के स्टेकहॉल्डर्स से चर्चा फिर से शुरू करने की भी मांग की।

पत्र में आगे कहा गया, लोगों के लिए व्यापक विकास कार्यक्रम की अनुपलब्धता के साथ ही इसमें पर्यावरणीय पतन, तटीय क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन, सांस्कृतिक क्षय, सेक्स पर्यटन, नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता, बाल श्रम, बाल और महिला तस्करी, अपनी जमीन से समुदायों का अलगाव जैसे गंभीर मुद्दों को संबोधित नहीं किया गया।

फादर ब्रागांका का यह भी सुझाव है कि पर्यटन नीति दोषपूर्ण आंकड़ों पर आधारित है और इसलिए यह कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पर्यटन फुटफॉल सहित कई मुद्दों से संबंधित अपने आकलन में लक्ष्य से दूर है।

एमएनएस/एसजीके

कमेंट करें
xgHkn
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।