comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कांग्रेस का भारत बंद कल, गणेश उत्सव के चलते गोवा कांग्रेस नहीं होगी शामिल

September 09th, 2018 21:39 IST

हाईलाइट

  • लगातार बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में कांग्रेस का भारत बंद कल
  • गणेश उत्सव के चलते गोवा कांग्रेस नहीं होगी शामिल
  • राष्ट्रव्यापी बंद में तमाम विपक्षी दल भी शामिल होंगे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गोवा प्रदेश कांग्रेस ने 10 सितंबर को आयोजित कांग्रेस के भारत बंद में हिस्सा नहीं लेने का ऐलान किया है, गोवा कांग्रेस ने यह फैसला गणेश उत्सव को देखते हुए लिया ताकि स्थानीय लोगों को कोई असुविधा नहीं हो। कांग्रेस के इस राष्ट्रव्यापी बंद में तमाम विपक्षी दल भी शामिल होंगे। देश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम के कारण महंगाई आसमान छूने लगी है। केंद्र की सत्ताधारी मोदी सरकार अभी इस महंगाई से निजात दिलाती नहीं दिख रही है, जिसका विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने विरोध जताया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी ने 10 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। यह भारत बंद सुबह 9 बजे से दिन में 3 बजे तक जारी रहेगा, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।

महंगाई मार रही है-गहलोत
कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा, महंगाई मार रही है। पेट्रोल डीज़ल कमर तोड़ रहे हैं। जनता परेशान है। हमने अपने दल के नेताओं के साथ बैठक की और विपक्षी पार्टियों से भी बात की। बैठक के बाद फैसला लिया है कि 10 सितंबर को भारत बंद करेंगे। इस दौरान हर पेट्रोल पंप पर धरना देंगे। वहीं रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'तेल से सरकार को 11 लाख करोड़ की कमाई, किसकी जेब में गई सरकार बता नहीं रही। बता दें कि रविवार 09 सितंबर को एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी के साथ अब नई दिल्ली में पेट्रोल 80.50 रुपए प्रति लीटर हो चुका है, वहीं डीजल 72.61 रुपए प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। मुंबई में पेट्रोल 87.89 रुपए लीटर तो डीजल 77.09 रुपए प्रति लीटर हो गया है।

विपक्ष के निशाने पर सरकार
पेट्रोल और डीजल के दामों का लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। साथ ही विपक्षी दल पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाने की मांग भी लंबे समय से कर रहे हैं। वहीं पेट्रोल और डीजल के आसमान छूते दामों को लेकर आम लोगों में भी काफी आक्रोश है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और एनडीए के पूर्व सहयोगी एन चंद्रबाबू नायडू ने अपने एक बयान में कहा थी कि जल्द ही देश में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर होगी।

कमेंट करें
omYyl
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।