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Congress: जून तक निर्वाचित अध्यक्ष चुना जाएगा, सोनिया ने कहा- किसान मुद्दे पर मोदी सरकार ने गुरूर दिखाया


हाईलाइट

  • कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक
  • पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव से लेकर अन्य मुद्दों पर हुई चर्चा
  • किसान मुद्दे पर सरकार ने जो अमानवीयता और गुरूर दिखाया, वह चौंकाता है।

डिजिटल डेस्क ( भोपाल)।  नई दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति ने निर्णय लिया है कि जून 2021 तक निर्वाचित कांग्रेस अध्यक्ष चुना जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति ने किसानों के साथ मजबूती से खड़े रहने का निर्णय किया। इसे लेकर हमने प्रस्ताव पास किया है। कार्यसमिति ने किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए ऊपर से नीचे के स्तर तक की कार्ययोजना तैयार की है। 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई CWC की मीटिंग की अध्यक्षता पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी ने की। उन्होंने कहा कि किसान मुद्दे पर सरकार ने जो अमानवीयता और गुरूर दिखाया, वह चौंकाता है। उन्होंने किसानों के विरोध, अर्नब व्हाट्सएप चैट पर सरकार को निशाना बनाया। 

इस बैठक में पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव से लेकर अन्य मुद्दों के अलावा किसानों के आंदोलन पर चर्चा हुई। कांग्रेस महासचिव और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, सीडब्ल्यूसी की बैठक को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संबोधित करते हुए किसानों का साथ देने के लिए कहा है। 

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक में अर्णब गोस्वामी की कथित राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चैट लीक, कोविड-19 स्थिति के अलावा किसानों के आंदोलन पर भी चर्चा की गई।  हजारों किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। पूर्व कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने तीन कृषि कानूनों पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें भारतीय कृषि क्षेत्र को नष्ट करने के लिए लाया गया है। 

कांग्रेस के 23 सीनियर लीडर्स ने पिछले साल सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर नाराजगी जताई थी। इन्होंने पार्टी में बड़े फेरबदल की जरूरत बताई। मई 2019 में राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष बनी थीं। कांग्रेस नेताओं का एक गुट मांग कर रहा है कि फुल टाइम प्रेसिडेंट चुना जाए, जो एक्टिव भी रहे।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।