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राहुल की इफ्तार पार्टी में विपक्ष ने दिखाई ताकत, पीएम के फिटनेस वीडियो का बनाया मजाक

June 14th, 2018 14:23 IST
राहुल की इफ्तार पार्टी में विपक्ष ने दिखाई ताकत, पीएम के फिटनेस वीडियो का बनाया मजाक

हाईलाइट

  • कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने बुधवार को इफ्तार पार्टी का आयोजन किया।
  • इस पार्टी में 18 दलों के नेताओं को निमंत्रण दिया गया था।
  • भारत में रशियन एंबेसडर निकोले कुदाशेव भी इस पार्टी में शामिल हुए।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने बुधवार को इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। दिल्ली के ताज पैलेस होटल में ये पार्टी रखी गई थी। इस पार्टी में 18 दलों के नेताओं को निमंत्रण दिया गया था। पार्टी में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रतिभा पाटिल और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी सहित तमाम बड़े नेताओं ने शिरकत की। वहीं भारत में रशियन एंबेसडर निकोले कुदाशेव भी इस पार्टी में शामिल हुए। इस दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी के फिटनेस वीडियो को 'विचित्र' और 'हास्यास्पद' बताया। राहुल गांधी ने कहा कि यह मानसिक दिवालियापन है। 

बतौर कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल की पहली इफ्तार पार्टी
कांग्रेस प्रेसिडेंट बनने के बाद राहुल की यह पहली इफ्तार पार्टी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस पार्टी से विपक्षी एकजुटता की जमीन मजबूत होगी। इस पार्टी में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, जेडीयू के पूर्व नेता शरद यादव, एनसीपी के नेता दिनेश त्रिवेदी, डीएमके की सांसद कनिमोझी, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, बदरुद्दीन अजमल, अहमद  पटेल, राजीव शुक्ला, शीला दीक्षित समेत तमाम नेता पहुंचे। वहीं तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी, आरजेडी के तेजस्वी यादव और एनसीपी के शरद पवार पार्टी में नहीं पहुंच पाए। बताया जा रहा है ये नेता व्यस्तताओं के कारण इफ्तार पार्टी में नहीं पहुंचे। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष रहने के दौरान सोनिया गांधी ने 2015 में इफ्तार का आयोजन किया था।
 

पीएम मोदी के फिटनेस वीडियो का मजाक
इफ्तार पार्टी के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिटनेस विडियो का मजाक उड़ाया। राहुल गांधी ने कहा, 'क्या आपने पीएम का फिटनेस विडियो देखा? यह हास्यास्पद है... मेरा मतलब... यह विचित्र है... यह मानसिक दिवालियापन है।' इस दौरान उस टेबल पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रतिभा पाटिल भी मौजूद थीं, इसके बाद राहुल गांधी सीताराम येचुरी की तरफ मुड़े और उनसे पीएम को मुकाबला देने के लिए उनका फिटनेस विडियो निकालने को कहा। इस पर टीएमसी नेता दिनेश त्रिवेदी, बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा और डीएमके नेता कनीमोझी ने खूब ठहाके लगाए। 

बीजेपी का राहुल पर निशाना
वहीं बीजेपी ने राहुल गांधी की इस पार्टी को रजनीतिक लाभ उठाने के लिए आयोजित की गई पार्टी बताया। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि, 'राहुल गांधी राजनीतिक लाभ के लिए इफ्तार का आयोजन कर रहे हैं। बहरहाल, मैं जरूररमंद लोगों के लिए इफ्तार दे रहा हूं। वैसे, हम उनके साथ किसी तरह की स्पर्धा नहीं कर रहे हैं।' नकवी की ओर से आयोजित इफ्तार पार्टी में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित तमाम नेता पहुंचे।  

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।