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उत्‍तराखंड में कैम्पटी फॉल में जल सैलाब, तेज बारिश से दिल्ली की थमी रफ्तार

July 27th, 2018 13:33 IST
उत्‍तराखंड में कैम्पटी फॉल में जल सैलाब, तेज बारिश से दिल्ली की थमी रफ्तार

हाईलाइट

  • देश भर में कई राज्यों में तेज बारिश से जनजीवन बेहाल है।
  • उत्‍तराखंड के मसूरी स्थित कैंप्‍टी फॉल में भारी बारिश के कारण पानी का बहाव बेहद तेज हो गया है।
  • दिल्ली-एनसीआर के कई इलाके भारी बारिश की चपेट में, सड़कों पर जाम लगने से लोग परेशान।
  • यमुना का जल स्तर आज खतरे के निशान को छू सकता है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश भर में तेज बारिश से जनजीवन बेहाल हो रहा है। कई राज्यों में तो भारी बारिश के कारण पानी का बहाव बेहद तेज होने से इमारतें और दुकानें जलमग्न हो गई है। उत्‍तराखंड के कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। बुधवार रातभर हुई भारी बारिश के बाद गुरुवार सुबह मसूरी के चारों ओर से सड़कें बंद होने की सूचनाएं आने लगीं। देर रात करीब 12.30 बजे किंग क्रेग के नीचे भूस्खलन होने से मसूरी-देहरादून मार्ग बंद हो गया। इससे दोनों ओर वाहन सुबह तक फंसे रहे। उत्‍तराखंड में भारी बारिश से नदियों का जलस्‍तर भी बढ़ा हुआ है। यहां मसूरी स्थित कैंप्‍टी फॉल में भारी बारिश के कारण पानी का बहाव बेहद तेज हो गया है। जिसके कारण आसपास की इमारतें और दुकानें पानी में डूब गई हैं। पानी का बहाव बेहद होने से कैंप्‍टी फॉल के आसपास किसी के भी जाने पर रोक लगा दी गई है। 

उत्‍तराखंड में यमुनोत्री राष्‍ट्रीय राजमार्ग पिछले छह दिनों से बंद है। ओजरी डाबर क्षेत्र में लगातार पहाड़ों में भूस्खलन हो रहा है। गुरुवार सुबह से हो रही तेज बारिश से दिल्ली-एनसीआर में लोगों के लिए परेशानियों को सबब बनती जा रही है। यमुना का जल स्तर खतरे के निशान को छू सकता है। यमुना का जलस्‍तर 1058.550 मीटर पर है। बाढ़ एवं सिंचाई विभाग का कहना है कि पानी को दिल्ली तक पहुंचने में 48 घंटे लगते हैं, ऐसे में विभाग पूरी तरह अलर्ट है। 
 

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह से लगातार बारिश हो रही है।  जिसका असर कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। 

दिल्ली के जाकिर हुसैन कॉलेज और रामलीला मैदान इलाके भी भारी बारिश के चपेट में है। 

शुक्रवार को हरियाणा ने हथिनी कुंड बैराज से 1.41 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।  जिससे मुना का जल स्तर खतरे के निशान को छू सकता है। इससे दिल्ली के निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है। दिल्ली सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट के अधिकारियों को अलर्ट पर रखा है। 

सड़कों पर जगह-जगह पानी भरने से लोगों को सड़क पर जाम का सामना करना पड़ा रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जाम के मद्देनजर वैकल्पिक रास्ता चुनने की सलाह दी है।


बारिश सबसे ज्यादा असर गाजियाबाद में देखने को मिला है। यहां जीटी रोड स्थित शहीदनगर में गुरुवार शाम 3 मंजिला इमारत गिरने से 4 भाई-बहन घायल हो गए। वहीं एक व्यक्ति की बेटी की करंट लगने उसकी मौत हो गई। यहां हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में के लोग बारिश के वजह से दहशत में हैं। हाल में यहां एक 6 मंजिला इमारत गिरने से 9 लोगों को मौत हो गई थी। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।