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Coronavirus in India: देश में पहली बार कोरोना से 6 हजार से ज्यादा लोगों की मौत, 93 हजार 823 नए मरीज भी मिले

Coronavirus in India: देश में पहली बार कोरोना से 6 हजार से ज्यादा लोगों की मौत, 93 हजार 823 नए मरीज भी मिले

हाईलाइट

  • बीते 24 घंटे में कुल नए केस आए: 93,828
  • बीते 24 घंटे में कुल ठीक हुए: 1.48 लाख
  • बीते 24 घंटे में कुल मौतें: 6,138

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर का असर धीरे-धीरे कम होने लगा है। एक्टिव केस कम होने लगे हैं। नए केस में कमी दर्ज की जा रही है। रिकवरी रेट पहले से बेहतर हुआ है। वैक्सीनेशन की रफ्तार भी बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे में कोरोनावायरस संक्रमण के 93 हजार 823 नए मरीज मिले हैं। वहीं, 1 लाख 48 हजार 951 मरीज ठीक हुए हैं। लेकिन मौतों के आंकड़े ने एक बार फिर लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। देश में पहली बार 6 हजार 138 लोगों की जान गई है। इससे पहले 18 मई को 4,529 लोगों की संक्रमण की वजह से मौत हुई थी।

देश में अब तक 2 करोड़ 91 लाख 82 हजार 72 लोग इस महामारी से संक्रमित हो चुके हैं। जिनमें से 2 करोड़ 76 लाख 45 हजार 225 लोग ठीक हुए हैं। अब तक कोरोना से 3 लाख 59 हजार 695 लोगों की जान जा चुकी है। फिलहाल देश की अलग-अलग अस्पतालों में 11 लाख 65 हजार 487 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 33,79,261 वैक्सीन लगाई गईं, जिसके बाद कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 24,27,26,693 हुआ। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक भारत में कल कोरोना वायरस के लिए 20,04,690 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 37,21,98,253 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं।

बिहार में एक दिन में मौत का आंकड़ा 3951 बढ़ा
बिहार में कोरोना से मौत का आंकड़ा अचानक 73 फीसदी तक बढ़ गया है। 7 जून तक मौत का कुल आंकड़ा 5424 बताया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 9375 कर दिया गया है। यानी एक दिन में मौत का आंकड़ा 3951 बढ़ा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कई लोगों की मौत घर में आईसोलेशन के दौरान हो गई। कुछ की मौत घर से अस्पताल जाते वक्त हो गई और कई लोगों की कोरोना से ठीक होने के बाद भी हुई है। जांच होने के बाद ऐसे कई मामलों को जोड़ा गया है। सत्यापन के बाद पटना में सबसे अधिक 1070 अतिरिक्त मौतें जोड़ी गई हैं। इसके बाद बेगूसराय में 316, मुजफ्फरपुर में 314 और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैतृक नालंदा में 222 अतिरिक्त मौतें जोड़ी गई हैं। 

भारत में कोरोनावायरस की स्थिति

  • बीते 24 घंटे में कुल नए केस आए: 93,828
  • बीते 24 घंटे में कुल ठीक हुए: 1.48 लाख
  • बीते 24 घंटे में कुल मौतें: 6,138
  • अब तक कुल संक्रमित हो चुके: 2.91 करोड़
  • अब तक ठीक हुए: 2.76 करोड़
  • अब तक कुल मौतें: 3.59 लाख
  • अभी इलाज करा रहे मरीजों की कुल संख्या: 11.65 लाख
     

इन 12 राज्यों में लागू रहेंगी लॉकडाउन जैसी पांबदी
देश के 12 राज्यों में पूर्ण लॉकडाउन जैसी पाबंदियां हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, मिजोरम, गोवा, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी शामिल हैं। यहां पिछले लॉकडाउन जैसे ही कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।

इन 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मिली थोड़ी राहत
देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आंशिक लॉकडाउन है। यानी यहां पाबंदियां तो हैं, लेकिन छूट भी है। इनमें बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, नगालैंड, असम, मणिपुर, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश और गुजरात शामिल हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।