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दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने पेश किया 65 हजार करोड़ का बजट, लागू होगी आयुष्मान भारत योजना

दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने पेश किया 65 हजार करोड़ का बजट, लागू होगी आयुष्मान भारत योजना

हाईलाइट

  • दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र पर दिखा कोरोना वायरस का असर
  • बजट सत्र पांच दिन से घटाकर एक दिन का किया गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में डिप्टी CM और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को दिल्ली का बजट पेश किया। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 65,000 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया है। बजट भाषण में मनीष सिसोदिया ने कहा, दुनिया कोरोना जैसी महामारी से जूझ रही है, मैं दिल्ली के लोगों को विश्वास दिलाता हूं इस महामारी से लड़ने के लिए बजट में कोई कमी नहीं आने देंगे। केजरीवाल सरकार ने आयुष्मान भारत को दिल्ली में लागू करने का ऐलान किया है। बता दें कि, सीएम अरविंद केजरीवाल के तीसरे कार्यकाल का यह पहला बजट है।

कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने के लिए बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्लासेज की व्यवस्था करने के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित करने का ऐलान किया गया। वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, पिछले पांच साल में दिल्लीवासियों की प्रति व्यक्ति आय में 44% की वृद्धि हुई है। 

केजरीवाल सरकार का बजट-

  • 2014-15 में 36,766 करोड़
  • 2015-16 में 41,129 करोड़
  • 2016-17 में 46,600 करोड़
  • 2017-18 में 48,000 करोड़
  • 2018-19 में 53,000 करोड़
  • 2019-20 में 60,000 करोड़
  • 2020-21 में 65,000 करोड़

बजट की प्रमुख घोषणाएं....

  • अनाधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी जरूरतों के लिए 1,700 करोड़ रुपये आवंटित।
     
  • दिल्ली दर्शन योजना के लिए 10 करोड़ रुपये।
     
  • मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के लिए 100 करोड़।
     
  • दिल्ली की सड़कों की डिजाइन बदलने के लिए 193 करोड़ रुपये का आवंटन।
     
  • मार्च 2021 तक महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा जारी रहेगी।
     
  • स्वास्थ्य क्षेत्र को अगले वित्त वर्ष के लिए 7,704 करोड़ रुपये का आवंटन।


कोरोना की वजह से एक दिन का किया गया बजट सत्र
दरअसल पहले विधानसभा का बजट सत्र पांच दिन चलने वाला था। 23 मार्च से शुरू होकर बजट सत्र की कार्यवाही 28 मार्च तक चलनी थी। 27 मार्च को बजट पेश किया जाना था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण सत्र के दिनों में कटौती की गई। बता दें कि, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी दिल्ली को 31 मार्च तक लॉकडाउन रखने का ऐलान कर दिया है। लॉकडाउन के बीच ही बजट पेश किया गया। कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग के लिए राजधानी दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत देश के 23 राज्यों के 82 जिले को 31 मार्च तक लॉकडाउन कर दिया गया है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।