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दिल्ली हिंसा: CWC की बैठक में मृतकों को श्रद्धांजलि, सोनिया के नेतृत्व में निकाला जाएगा शांति मार्च

दिल्ली हिंसा: CWC की बैठक में मृतकों को श्रद्धांजलि, सोनिया के नेतृत्व में निकाला जाएगा शांति मार्च

हाईलाइट

  • कांग्रेस मुख्यालय से राष्ट्रपति भवन तक शांति मार्च निकाला जाएगा
  • कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में शामिल नहीं हुए राहुल गांधी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में जारी हिंसा में अब तक करीब 20 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई गई। बैठक में कांग्रेस नेताओं ने हिंसा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और मौन रखा। बैठक में यह भी फैसला लिया है कि, गुरुवार कांग्रेस मुख्यालय से राष्ट्रपति भवन तक शांति मार्च निकाला जाएगा। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी मुख्यालय से राष्ट्रपति भवन तक के लिए निकलने वाली कांग्रेस की रैली का नेतृत्व करेंगी।

बुधवार को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर 23 फरवरी से दिल्ली में हुई हिंसक झड़पों में जान गंवाने वाले सभी लोगों की याद में पार्टी के नेताओं ने दो मिनट का मौन रखा और श्रद्धांजलि दी।  

बैठक में फैसला लिया गया है कि, कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड से राष्ट्रपति भवन तक शांति मार्च निकालेंगे। इसके लिए सभी सांसदों को कांग्रेस मुख्यालय बुलाया गया है। इस शांति मार्च में सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी शामिल होंगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में शामिल नहीं हुए। सूत्रों के मुताबिक राहुल देश से बाहर हैं।

पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, सीडब्ल्यूसी ने उन लोगों की याद में मौन रखा, जिन्होंने दिल्ली हिंसा में अपना जीवन गंवा दिया। पार्टी सांप्रदायिक सद्भाव को उजागर करते हुए सद्भावना मार्च निकालेगी। कांग्रेस ने मंगलवार को शांति की अपील करते हुए कहा कि हर कांग्रेस कार्यकर्ता यहां शांति बनाए रखने में मदद करेगा। चार दिनों में हिंसा में मरने वालों की संख्या 20 हो गई है।

वहीं बैठक से पहले कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने दिल्ली पुलिस पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा, चाहे गृह मंत्री हो या फिर गृह मंत्रालय, हिंसा रोकना सरकार का कर्तव्य है। सोमवार से हिंसा जारी है। अब भी हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। यह दिल्ली पुलिस की विफलता को दर्शाता है।

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