श्रीनगर: साइबर पुलिस कश्मीर ने केवाईसी धोखाधड़ी गिरोह का किया भंडाफोड़

October 14th, 2021

हाईलाइट

  • साइबर पुलिस कश्मीर ने केवाईसी धोखाधड़ी गिरोह पर लिया एक्शन

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर । साइबर पुलिस स्टेशन कश्मीर ने केवाईसी धोखाधड़ी के संबंध में कई शिकायतें मिलने के बाद एक केवाईसी धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साइबर पुलिस कश्मीर ने बुधवार को एक बयान में कहा कि पीड़ितों को अपने केवाईसी को अपडेट करने के लिए कुछ दिए गए नंबरों पर कॉल करने का आग्रह करते हुए अवांछित कॉल और एसएमएस प्राप्त हो रहे थे। इसके बाद पीड़ितों को संचार (कम्युनिकेशन) में दिए गए लिंक के माध्यम से कुछ व्यक्तिगत विवरण, खाता/लॉगिन विवरण/कार्ड की जानकारी, पिन, ओटीपी, कुछ अनधिकृत/असत्यापित आवेदन करने के लिए कहा जाता है। इस तरह के संचार में बैंक खाते को फ्रीज करने, अवरुद्ध करने या बंद करने की चेतावनी भी शामिल है।

बयान में कहा गया है कि जब पीड़ित कॉल/मैसेज पर जानकारी साझा करते हैं या अनधिकृत एप्लिकेशन एक्सेस करते हैं, तो धोखेबाज ग्राहकों के बैंक खातों तक पहुंच प्राप्त करते हैं और उनके साथ धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं। बयान में कहा गया है, साइबर पुलिस कश्मीर को यह भी पता चला कि लोगों को उनके मोबाइल पर केवाईसी अपडेट करने के लिए संदेश भेजे जाते हैं। पीड़ितों को भेजे गए संदेश में लिखा होता है कि डियर एक्सवाईजेड (अघोषित नाम) आपके सिम कार्ड को लेकर केवाईसी दस्तावेज की अवधि जल्द ही समाप्त हो जाएगी। कृपया नंबर (नंबर साझा नहीं किया जा रहा है) पर कॉल करें। आपकी सर्विस 24 घंटे के भीतर रोक दी जाएगी। धन्यवाद। बयान में बताया गया है, जब शिकायतकर्ता इन नंबरों पर कॉल करते हैं, तो साइबर अपराधी प्रमुख दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि के रूप में सामने आते हैं और कॉल करने वालों को मोबाइल ऐप के माध्यम से बहुत कम राशि जैसे 10 या 15 रुपये आदि से रिचार्ज करने के लिए कहते हैं। धोखेबाज पीड़ितों को एनीडेस्क, क्विक सपोर्ट या टीम व्यूअर जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहते हैं और फिर उन्हें अपना व्यक्तिगत और वित्तीय विवरण देने को कहते हैं। जब अनजान पीड़ित उनके निर्देशों का पालन करते हैं और रिचार्ज भुगतान करते हैं, तो उन्हें अपने बैंक खातों से पैसे निकालने से संबंधित संदेश प्राप्त होते हैं। इन धोखाधड़ी के माध्यम से कश्मीर घाटी में साइबर अपराधियों द्वारा लाखों रुपये की ठगी की गई है।

साइबर पुलिस के अनुसार, ऐसी शिकायतें प्राप्त होने पर, साइबर पुलिस कश्मीर ने एफआईआर संख्या 19/2021 दर्ज की और जांच शुरू की। जांच के दौरान, साइबर पुलिस कश्मीर जोन, श्रीनगर ने ऐसे अपराधों में शामिल दो व्यक्तियों को ट्रैक किया, जिन्हें श्रीनगर के न्यू थीड हरवान इलाके में किराए के आवास से गिरफ्तार किया गया। इनकी पहचान कोकरनाग के कोर्ट रोड वैलू निवासी मोहम्मद हंजाला बेघ और कोकरनाग के वैराड निवासी मोहम्मद रजब खान के रूप में हुई है बयान में कहा गया है, प्रारंभिक जांच के दौरान, यह सामने आया कि अवैध धन लाभ के लिए, आरोपी व्यक्तियों ने यूपी, बिहार और अन्य राज्यों से संचालित गैर-स्थानीय साइबर अपराधियों के साथ मिलकर भोले-भाले नागरिकों को ठगने/धोखा देने के लिए संगठित तरीके से काम किया।

बयान के अनुसार, ऐसे मामलों में ऑपरेशन के विशिष्ट तरीके में आमतौर पर यह शामिल होता है कि ये धोखेबाज पीड़ितों के खातों से पैसे निकालते हैं और इसे देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित बैंक खातों में स्थानांतरित कर देते हैं और अंतत: इसे वापस ले लेते हैं। लेकिन एक बहुत ही असामान्य तौर-तरीका पाया गया, जिसमें कश्मीर स्थित बैंक खाते इस घटना में शामिल पाए गए। इस संबंध में साइबर क्राइम पुलिस, कश्मीर ने सात मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों के 47 एटीएम डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 36 फिनो बैंक अकाउंट किट बुक, चार चेकबुक, छह खाली या ब्लैंक चेक, सात पासबुक और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

(आईएएनएस)