comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

एशिया की अब तक की सबसे बड़ी ड्रग जब्ती में डी-कंपनी का कनेक्शन (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

June 01st, 2020 22:00 IST
 एशिया की अब तक की सबसे बड़ी ड्रग जब्ती में डी-कंपनी का कनेक्शन (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

हाईलाइट

  • एशिया की अब तक की सबसे बड़ी ड्रग जब्ती में डी-कंपनी का कनेक्शन (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। म्यांमार में पिछले महीने 18 मई को सिंथेटिक ड्रग्स की बड़ी खेप जब्त की गई और बताया जा रहा है कि एशिया में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स को जब्त किया गया। इसे शीर्ष दक्षिण पूर्व एशियाई ड्रग सिंडिकेट्स के साथ जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही कराची स्थित अंडरवल्र्ड नेटवर्क डी-कंपनी के भी इसमें शामिल होने के संकेत मिले हैं।

डी कंपनी का नेतृत्व भारत का शीर्ष भगोड़ा अपराधी दाऊद इब्राहिम करता है, जो बांग्लादेश और थाईलैंड में प्रमुख नशीले पदार्थों के संचालन को नियंत्रित करता है।

यूएन एजेंसियों की सूचना पर 18 टन से अधिक ड्रग्स जब्त किया गया था। इस खेप की तस्करी चीन, थाईलैंड और बांग्लादेश के रास्ते होनी थी।

शीर्ष सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि भारतीय खुफिया एजेंसियां म्यांमार के अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं, ताकि वे खेप के प्राप्तकर्ता के बारे में जानकारी एकत्र कर सकें, जिसमें दक्षिण पूर्व और दक्षिण एशिया में स्थित सिंडिकेट शामिल हैं।

म्यांमार की एंटी-ड्रग्स पुलिस ने पहले खुलासा किया था कि 500 किलोग्राम क्रिस्टल मेथ के अतिरिक्त नार्को-आपराधिक सिंडिकेट द्वारा समर्थित कारखानों से 300 किलोग्राम हेरोइन और 3,750 मिथाइल फेन्टेनाइल बरामद किए गए।

भारतीय एजेंसियों के सूत्रों ने कहा कि डी-कंपनी, जिसके पास ढाका और थाईलैंड में बड़े अड्डे हैं, आमतौर पर म्यांमार से फेन्टेनाइल जैसी सिंथेटिक दवाओं को उठाती है और उन्हें यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में पहुंचा देती है।

सूत्र ने कहा, इस तरह के नशीले पदार्थों के संचालन में अक्सर माफिया नेताओं के साथ कोई सीधा संबंध नहीं होता है, लेकिन हम अभी भी आशा कर रहे हैं कि चल रही जांच में कुछ शीर्ष सिंडिकेट के शामिल होने का खुलासा हो सकता है जो कि मैंड्रेक्स और सिंथेटिक ड्रग टैबलेट की तस्करी में शामिल हैं। डी-कंपनी एक ऐसा आपराधिक सिंडिकेट है, जिसके दक्षिण एशियाई सिंथेटिक ड्रग्स आपूर्तिकर्ताओं के साथ गहरे संबंध हैं।

संयुक्त राष्ट्र और इंटरपोल ने दाऊद इब्राहिम को एशिया के सबसे बड़े नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों में से एक घोषित किया है, जिसके संपर्क आतंकी संगठनों के साथ भी हैं। दाऊद इब्राहिम और उसके शीर्ष गुर्गे जाबिर मोतीवाला की भूमिका पर भी शक है और सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े मामले में अमेरिका की ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी (डीईए) द्वारा इसकी पड़ताल की जा रही है।

मोतीवाला, दाऊद इब्राहिम की ड्रग डीलिंग का कामकाज देखता है। उसे स्कॉटलैंड यार्ड ने लंदन में गिरफ्तार किया था और वर्तमान में वह अमेरिका में डीईए द्वारा लंबित मुकदमे में प्रत्यर्पण मामले का सामना कर रहा है। डीईए ने मोतीवाला के खिलाफ दायर अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि दाऊद इब्राहिम अपने व्यापक हवाला नेटवर्क के जरिए दुनिया भर में फैले गंतव्यों तक नशीले पदार्थों की तस्करी में अहम भूमिका निभाता है।

भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) द्वारा तैयार किए गए हालिया डोजियर में कहा गया है कि दाऊद इब्राहिम और उसके छोटे भाई शेख अनीस इब्राहिम सिंथेटिक ड्रग्स के साथ-साथ हेरोइन और अफीम का भी कारोबार करते हैं।

अंडरवल्र्ड की जोड़ी ने अपने ड्रग्स साम्राज्य का विस्तार करने के लिए कुख्यात अफगान तस्कर हाजी जन लाल इश्कजई के साथ भी साझेदारी की है।

माफिया डॉन के संबंद में आईबी के डोजियर से पता चला, दाऊद इब्राहिम अवैध हेरोइन के व्यापार के माध्यम से रुपये बनाने के इरादे से भारत और अन्य जगहों पर नशीले पदार्थों को भेजने की नापाक योजनाओं को अंजाम देने के लिए इश्कजई की मदद ले चुका है। डी-कंपनी ने पहले ही सूडान, इथियोपिया, केन्या, तंजानिया, जिम्बाब्वे, नामीबिया और घाना में नेटवर्क तैयार कर लिया है, जहां से यह ऑपरेशन को अंजाम देने की आस लगाए हुए है।

अफगानिस्तान में डी-कंपनी की प्रमुख गतिविधियों को देखने वाला इश्कजई पहले अमेरिका में नशीले पदार्थों के तस्करों की सबसे वांछित सूची में रहा है, जिसका जिक्र डीईए रिपोर्ट में भी किया गया है।

कमेंट करें
4gQcJ
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।