दैनिक भास्कर हिंदी: घरेलू हिंसा के मामलों में गिरावट : दिल्ली महिला आयोग

April 22nd, 2020

हाईलाइट

  • घरेलू हिंसा के मामलों में गिरावट : दिल्ली महिला आयोग

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली में घरेलू हिंसा के मामलों की संख्या में गिरावट आई है। घरेलू हिंसा के मामलों में हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल की संख्या में भी गिरावट आई है।

दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा, राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली महिला आयोग 24 घंटे काम कर रहा है। लॉकडाउन से पहले, हमें घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों के हेल्पलाइन नंबर 181 पर प्रतिदिन 1500-1800 कॉल आते थे। जबकि लॉकडाउन के दौरान न सिर्फ हेल्पलाइन नंबर पर कॉल आने की संख्या में कोई वृद्धि दर्ज की गई है, बल्कि विशेष रूप से घरेलू हिंसा के मामलों में कॉल की संख्या में गिरावट भी आई है।

स्वाति मालीवाल कहा, यहां तक कि देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान डीसीडब्ल्यू के वन स्टॉप सेंटरों में शिकायतों की संख्या 10 तक आ गई है।

उन्होंने कहा, घरेलू हिंसा की शिकायतों के संबंध में हेल्पलाइन नंबर 181 के कॉल डेटा के अनुसार, दिल्ली महिला आयोग को 30 मार्च से 6 अप्रैल तक केवल 212 कॉल और 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक मात्र 171 कॉल मिली है।

एक नियमित दिन पर, डीसीडब्ल्यू को घरेलू हिंसा के मामलों में हेल्पलाइन नंबर 181 पर रोजाना 1500 -1800 कॉल मिलते हैं। इस दौरान आयोग ने राजधानी में छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न व पीछा करने की शिकायतों में गिरावट दर्ज की है।

दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बुधवार को दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की प्रमुख स्वाति मालीवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव और निदेशक समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।

इस बैठक में केंद्र सरकार के राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) द्वारा जारी नोटिस पर चर्चा की गई, जिसमें कहा गया है कि लॉक डाउन के दौरान दिल्ली में महिलाओं के साथ घरेलु हिंसा में वृद्धि हुई है।

इस परिप्रेक्ष्य में दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने एनसीडब्ल्यू की रिपोर्ट का खंडन करते हुए कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को अपनी इस रिपोर्ट से अवगत कराया।

इस संबंध में, कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने अधिकारियों को दिल्ली के अंदर हेल्पलाइन नंबर 181 को और अधिक प्रचारित करने का निर्देश दिया, ताकि संकट के समय महिलाएं दिल्ली महिला आयोग तक पहुंच सकें।