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Parliament Monsoon Session: LAC के हालात पर आज संसद में विस्तार से जानकारी देंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह


हाईलाइट

  • लद्दाख में आमने-सामने हैं भारत-चीन की सेनाएं
  • दोनों देशों में राजनयिक और सैन्य स्तर पर वार्ता
  • सीमा पर स्थिति गंभीर, अग्रिम मोर्चे पर डटी फौज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच सोमवार से शुरू हुए मॉनसून सत्र के दूसरे दिन (आज, मंगलवार, 15 सितंबर) रक्षामंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा में चीन के साथ लद्दाख में एलएसी पर चल रहे विवाद के बारे में जानकारी देंगे। बता दें कि पूर्वी लद्दाख में कई महीने से चीन के साथ तनाव जारी है। दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। कई दौर की वार्ता होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। विपक्ष सरकार पर दबाव बनाए हुए है कि सरकार इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान दे।

हाल ही में रूस की राजधानी मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक से इतर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उनके चीनी समकक्ष के बीच तकरीबन 2 घंटे बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि दोनों देश आपसी बातचीत से सीमा विवाद का मुद्दा सुलझाएंगे, लेकिन इस पर फैसला नहीं हो सका कि दोनों देशों की सेनाएं कब पीछे हटेंगी।

कांग्रेस कर रही है चर्चा की मांग
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भारत-चीन सीमा पर तनाव के मुद्दे को उठाने का प्रयास किया, लेकिन स्पीकर ने उनसे इस विषय को कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की बैठक में उठाने को कहा।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह एक ‘संवेदनशील’ मुद्दा है और इसे गंभीरता के साथ उठाया जाना चाहिए। इस विषय को बीएससी में रखें। अधीर रंजन चौधरी का कहना था कि मैं सरकार और रक्षा मंत्री का ध्यान ऐसे मुद्दे की ओर दिलाना चाहता हूं जो कई महीनों से हमारे सामने है। देश के लोग सीमा की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि आज ऐसी खबरें आई हैं कि चीन हमारे यहां नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि हम इस विषय पर चर्चा कराने की मांग करते हैं।

तनाव बरकरार
सूत्रों के अनुसार भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के सीमा पर लंबे समय से चल रहे गतिरोध के समाधान के लिये पांच सूत्रीय योजना पर सहमत होने के बावजूद पूर्वी लद्दाख के गतिरोध वाले बिंदुओं पर स्थिति में कुल मिलाकर कोई बदलाव नहीं है। सूत्रों ने यह भी कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीनी सैनिक अपनी-अपनी जगह पर मजबूती से कायम हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और चीनी सैनिकों की तरफ से कोई नई हलचल नहीं दिखी है। सूत्रों ने कहा कि भारतीय सेना अपनी चौकसी में कमी नहीं करेगी और जब तक जमीनी स्थिति में वास्तविक बदलाव नजर नहीं आता तब तक पूर्वी लद्दाख में बेहद उच्च स्तरीय युद्धक चौकसी की मौजूदा स्थिति बरकरार रखी जाएगी।
 

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